अमन शुक्ला, सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले और तराई अंचल में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। देर रात हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी इस सीजन के अपने सबसे बड़े उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 130 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और पानी का बहाव बेहद तेज है, जिससे पूरे तीर्थ क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
चारों धाम मार्ग अवरुद्ध, दुकानें जलमग्न
मंदाकिनी के उफान से चित्रकूट का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रामघाट का मुख्य प्लेटफॉर्म पूरी तरह डूब चुका है। भरतघाट स्थित आरती स्थल का केवल ऊपरी टीन शेड ही नजर आ रहा है। जानकी चरण चिन्ह पानी में समा गया है। सती अनुसुइया मार्ग, चारों धाम मार्ग और गुप्त गोदावरी जाने वाले रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। आरोग्य धाम मार्ग पर 5 फीट और रामघाट-भरतघाट मार्ग पर 6 फीट से अधिक पानी बह रहा है। रामघाट और आसपास के इलाकों की 100 से ज्यादा दुकानें जलमग्न हो चुकी हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन ने दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर बल तैनात कर दिया है।
गुप्त गोदावरी गुफाओं में प्रवेश पर रोक
चित्रकूट के प्रमुख दर्शनीय स्थल गुप्त गोदावरी परिसर में भारी मात्रा में पानी भर जाने के कारण नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन ने दोनों गुफाओं के भीतर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। गुफा परिसर की दुकानों में पानी घुसने के कारण व्यवसायियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन की अपील
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर परिषद की टीमें लगातार तटीय इलाकों में गश्त कर रही हैं। माइक के जरिए तीर्थयात्रियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से नदियों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।