MP Electricity Workers Protest: मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब 5,000 संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बिजली संविदाकर्मियों ने ऊर्जा मंत्री और शासन-प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर 22 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन और काम बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे दीपावली के दौरान अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
क्यों नाराज हैं कर्मचारी?
संविदा बिजलीकर्मी लंबे समय से विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं, ताकि नियमितीकरण और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को एक पत्र जारी कर 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि ढाई महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया पर अमल नहीं किया गया।
5,000 संविदाकर्मी प्रभावित
अपनी मांगों को लेकर संविदाकर्मी पिछले कई महीनों से प्रदेश भर के जिला कलेक्टरों के साथ-साथ स्थानीय सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपकर गुहार लगा चुके हैं। बार-बार केवल आश्वासन मिलने और कोई फैसला न होने के कारण प्रदेश के करीब 5 हजार बिजली संविदाकर्मियों में आक्रोश है।
22 अक्टूबर को सांकेतिक हड़ताल
कर्मचारियों की रणनीति के मुताबिक 22 अक्टूबर को एक दिन का कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराएंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि विरोध के बाद भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, तो दीपावली के दौरान अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। जिसके चलते दिवाली के मौके पर प्रदेश भर में बिजली सप्लाई, फॉल्ट सुधार और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।