अमन शुक्ला, सतना। मध्य प्रदेश के सतना शहर में पिछले नौ सालों से चल रहे सीवर डालने का काम कभी भी प्लानिंग के साथ नहीं हुआ है। यही वजह है कि लगातार काम होने के बावजूद आज तक सीवर लाइन डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है। नगर निगम और पीडीएमसी की निगरानी में चल रहे काम का हाल यह है कि जब सड़कों की मरम्मत का काम किया जाना चाहिए तब शहर में सीवर लाइन डालने का काम शहर में चल रहा है। इसके साथ ही बैक फीलिंग और सड़क रेस्टोरेशन में जमकर लापरवाही बरती गई है। बहरहाल यह मामला अब सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय की चौखट पर पहुंच गया है। जिसमें जिम्मेदारो ठेका कंपनी पीसी स्नेहेल, इन विराट, नगर निगम कार्यपालन यंत्री को कोर्ट ने 25 अगस्त को तलब किया है।
जानलेवा गड्ढे, गंभीर दुर्घटनाएँ
बताया गया कि आवेदक ने आम जनता सतना की ओर से धारा 152 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के अंतर्गत प्रस्तुत किया है। प्रकरण में उल्लेख किया गया है कि नगर पालिक निगम सतना अंतर्गत सीवर लाइन निर्माण हेतु की गई खुदाई के पश्चात ठेकेदार फर्म एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर बैक-फिलिंग एवं सड़क रेस्टोरेशन का कार्य मानक अनुसार नहीं किया गया है। प्रस्तुत समाचार पत्रों की रिपोर्ट एवं तथ्यों से प्रतीत होता है कि सड़कों पर जानलेवा गड्ढे एवं कीचड़ होने से गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं तथा आम जनता को शारीरिक व आर्थिक क्षति पहुँच रही है, जिससे क्षेत्र में लोक उपद्रव (Public Nuisance) तथा अशांति की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

जन सुरक्षा व लोक शांति से जुड़ा मामला
प्रथम दृष्टया मामला जन-सुरक्षा एवं लोक शांति से जुड़ा हुआ गंभीर प्रकृति का प्रतीत होता है। अतः अनावेदकगण 1, 2 एवं 3 के विरुद्ध धारा 152 BNSS के अंतर्गत पृथक-पृथक कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का आदेश दिया जाता है।
पेशी में हो हाजिर
अनावेदकगण को निर्देशित किया जाता है कि वे आगामी नियत पेशी तिथि पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न सीवर लाइन का कार्य अनुबंध के अनुसार निश्चित अवधि में पूर्ण कराने तथा गड्ढों को तत्काल भरवाने का आदेश पारित किया जावे। साथ ही 25 अगस्त को न्यायालय में जिम्मेदार पेश हों।