Shahzad Bhatti Network: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर संचालित पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने और देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसाया जा रहा था।
यूपी पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा युवाओं को धन और काम का लालच देकर अपने साथ जोड़े जाने के बाद धार्मिक नेताओं, राजनेताओं, पुलिसकर्मियों और एक्स-मुस्लिमों को धमकी देने तथा हत्या के लिए उकसाया जाता था। इसके अलावा भाजपा-आरएसएस कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर बम, ग्रेनेड और पेट्रोल बम से हमले की साजिश में युवाओं को इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
175 संदिग्धों की हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, 26 मई 2026 को केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ प्रदेशभर में अभियान चलाया गया। इस दौरान शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े करीब 175 संदिग्धों को खंगाला गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई। विभिन्न खुफिया माध्यमों से जानकारी के बाद प्रदेश में अब तक 12 अभियोग दर्ज कर 52 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से पिस्टल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील तरल पदार्थ और आपत्तिजनक पोस्टर समेत अन्य सामग्री बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। नेटवर्क से जुड़े करीब 60 संदिग्धों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
आतंकी घोषित करने की केंद्र से मांग
यूपी पुलिस ने जुलाई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर शहजाद भट्टी नेटवर्क और उसके सदस्यों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-1967 (UAPA) की धारा 35 के तहत आतंकी घोषित करने तथा अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले 62 लोगों से पूछताछ
स्वतंत्रता दिवस की संवेदनशीलता को देखते हुए 12 अगस्त को यूपी पुलिस ने केंद्रीय इकाइयों के साथ प्रदेश स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया। सोशल मीडिया गतिविधियों, विवेचना में सामने आए तथ्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े करीब 62 लोगों को चिह्नित कर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क में आबिद जट्ट, हम्माद मेमन उर्फ हम्माद बरकाती, जावेद पाकिस्तानी, रजा भाई पाकिस्तानी, अजमल गुर्जर पाकिस्तानी, राशिद भट्टी, राणा हुनैन, मेजर इकबाल, मेजर हमीद और मेजर अनवर समेत कई नाम सामने आए हैं।
छोटी वारदातों से बड़ी आतंकी साजिश तक पहुंचाने का दावा
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोग युवाओं से शुरुआत में रैकी, आगजनी, धमकी, जिहादी पोस्टर चिपकाने और पेट्रोल बम फेंकने जैसी छोटी गतिविधियां कराते थे। इसके बाद उन्हें बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाता था। यूपी पुलिस और उसकी विशिष्ट इकाइयां एटीएस व एसटीएफ इस नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि खुफिया सूचनाओं को विकसित और सत्यापित कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।