Dewas Liquor Tragedy: देवास में अवैध शराब की तस्करी रोकने के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले थाना प्रभारी दिलीप पूरी के बलिदान के बाद प्रदेश की मोहन सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में बुलाई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि देवास और आसपास के 5 जिलों में फैले अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने प्रदेश में 2029 तक ड्रग्स माफिया के खात्मे का संकल्प तय किया है।
परिवार को ₹1 करोड़ और पत्नी को नौकरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास में अवैध शराब पकड़ने के दौरान बलिदान हुए टीआई दिलीप पुरी के परिवार के लिए ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा दिवंगत टीआई की पत्नी को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। घटना के तुरंत बाद राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद दिवंगत जवान के पिता से फोन पर बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
मुख्य सरगना गिरफ्तार, हटाए गए अधिकारी
पुलिस ने शराब कांड के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को कस्टडी में ले लिया है। तस्करी में उपयुक्त ट्रक को भी जब्त कर लिया है। वही चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत, वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड और केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। जिस जिले से अवैध शराब का ट्रक रवाना हुआ था, वहां के सहायक आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को पद से हटा दिया गया है। 5 जिलों में फैले नेटवर्क की पड़ताल के लिए SIT गठित की गई हैं।
2029 तक ड्रग्स माफिया मुक्त MP का लक्ष्य
सीएम मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत मध्य प्रदेश में वर्ष 2029 तक ड्रग्स और संगठित अपराधों के पूर्ण खात्मे की कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। जिस प्रकार मध्य प्रदेश ने तय समय-सीमा में नक्सलवाद से मुक्ति पाई है, उसी तर्ज पर प्रदेश भर में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा।