CSP Neha Pachhisiya: कभी अपनी फोटोज और वीडियोस को लेकर चर्चाओं में रहने वाली CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें अब बढ़ गयी है। जमीन खरीदने के मामले में दबाव बनाने और धोखाधड़ी के आरोपों के बाद कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। CM ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही, दबाव या पद और सत्ता के गलत इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानें पूरा मामला?
दरसअल, मामला कटनी के कुठला का है। जमीन रमेश लोधी की बताई जा रही है। विभागीय जांच के अनुसार सरकारी गाइडलाइन में इस जमीन की कीमत करीब 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी। आरोप है कि CSP नेहा पच्चीसिया और उनके साथियों ने अपने पद और पुलिस तंत्र का गलत इस्तेमाल करते हुए लोधी परिवार पर दबाव बनाया। परिवार को जमीन मारुफ अहमद हनफी के नाम पर सिर्फ 18 लाख 20 हजार रुपये में बेचने के लिए मजबूर करने का आरोप है। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये चेक से और 3 लाख 20 हजार रुपये नकद भुगतान दिखाया गया।
खाते में अचानक आए 15 लाख
जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की जांच में बैंक खातों को लेकर भी कई सवाल सामने आए। जांच के मुताबिक, 11 जुलाई 2025 को हनफी के खाते में सिर्फ 3,036 रुपये थे। इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री वाले दिन यानी 15 अप्रैल 2026 को खाते में अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। जांच में सामने आया कि 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से भेजे गए थे। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि शाइन पार्टनर्स और बारापात्रे के बैंक खातों में एक ही PAN नंबर का इस्तेमाल किया गया था। जांच रिपोर्ट में बारापात्रे को CSP पच्चीसिया का करीबी सहयोगी, रिश्तेदार या बिजनेस पार्टनर होने की आशंका जताई गई है।
जेल में थे जमीन मालिक, परिवार पर दबाव का आरोप
जांच के अनुसार, रमेश लोधी उस समय जेल में थे और एक आपराधिक मामले में जांच का सामना कर रहे थे। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन पर जमीन बेहद कम कीमत पर बेचने का दबाव बनाया गया। रमेश लोधी के बेटे आकाश लोधी का आरोप है कि जब उनके पिता ने जेल से बाहर आने के बाद जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर रद्द कराने की कोशिश की, तो पूरे परिवार को धमकियां भी दी गईं।
हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
मामले में CSP नेहा पच्चीसिया ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और कोई अंतरिम राहत भी नहीं दी।
पुलिस का सख्त रुख
कटनी के SP अभिनव विश्वकर्मा के मुताबिक, भोपाल विजिलेंस ब्रांच की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देशों के आधार पर कुठला थाने में CSP और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
18 अगस्त की जांच रिपोर्ट के बाद FIR
बताया गया कि 18 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी SP को कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच के आधार पर कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। CSP और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 61, 198, 199(B), 308(7) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है। अब बड़ा सवाल यही है कि जांच में आगे और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और जमीन के इस विवाद में किसकी क्या भूमिका साबित होती है।