MP Fake MBBS Doctor: सोचिए, आप किसी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल जाएं और डॉक्टर आपको सही इलाज देने के बजाय ऐसा उपचार दे दे जिससे आपकी जान जोखिम में पड़ जाए। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दस्तावेजों के सत्यापन पर सवालिया निशान खड़ा करता है। यहां एक व्यक्ति कथित तौर पर फर्जी एमबीबीएस डिग्री और फर्जी मेडिकल रजिस्ट्रेशन के दम पर करीब 17 साल तक सरकारी डॉक्टर के पद पर नौकरी करता रहा और तो और, प्रमोशन पाकर बीएमओ तक बन गया।
संविदा से लेकर प्रमोशन तक का फर्जी सफर
पूरा मामला बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड का है। आरोपी डॉ. सुनील कुमार सिंह पर आरोप है कि उसने शुरुआती दौर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी। साल 2009 में उसकी नियुक्ति संविदा पर हुई थी, जिसके बाद साल 2012 में उसे नियमित नौकरी मिल गई। इसके बाद साल 2023 में उसका प्रमोशन हो गया और वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हो गया। इतने लंबे समय तक नौकरी चलने के बावजूद किसी को उसकी फर्जी डिग्री की भनक तक नहीं लगी।
जांच में हुआ पर्दाफाश
इस मामले की शिकायत के बाद करीब पांच महीने तक जांच चलाई गई। जांच के दौरान डॉ. सुनील कुमार सिंह की एमबीबीएस डिग्री और मेडिकल पंजीयन पूरी तरह फर्जी पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद शासन के निर्देशों पर बिरसा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।