MP Promotion Update

MP Promotion Update: मोहन सरकार ने इन कर्मचारियों को प्रमोशन में दी CPCT से छूट

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने के लिए CPCT की अनिवार्यता से छूट

By : विकास जैन
MP Promotion Update: मोहन सरकार ने इन कर्मचारियों को प्रमोशन में दी CPCT से छूट

MP Promotion Update: मोहन सरकार ने इन कर्मचारियों को प्रमोशन में दी CPCT से छूट

MP Promotion Update: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने के लिए CPCT की अनिवार्यता से छूट देने का आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी से छूट दी जाएगी।

राहत, लेकिन साबित करनी होगी योग्यता

सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना द्वारा जारी आदेश में कहा है​ कि पदोन्नति की तारीख पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा पास करने से छूट मिलेगी। हालांकि, पद पर कार्य करने के लिए कंप्यूटर की दक्षता जरूरी रहेगी। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को 2 साल की परीक्षण अवधि पर पदोन्नत किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों को सीपीसीटी उत्तीर्ण करने के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान से 1-वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा।

ये कोर्स और डिग्रियां होंगी मान्य?

डिप्लोमा: यूजीसी (UGC) से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/मुक्त विश्वविद्यालय, डीओईएसीसी (DOEACC), शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का 'मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स', तथा एनसीवीटी/एससीवीटी से 1-वर्षीय सीओपीए (COPA) प्रमाणपत्र।

डिग्रियां: बीई (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमसीए, बीसीए, एमएससी/बीएससी (आईटी या कंप्यूटर साइंस), एमटेक, एमई तथा एआईसीटीई (AICTE) से अनुमोदित पॉलीटेक्निक डिप्लोमा। हालांकि सामान्य बीएससी या बीकॉम में केवल कंप्यूटर पढ़ने को डिप्लोमा के समकक्ष नहीं माना जाएगा। हालांकि, यदि बीएससी की मार्कशीट में आईटी/कंप्यूटर साइंस मुख्य विषय के रूप में प्रमाणित है, तो उसे मान्य किया जाएगा।

अधिकतम 5 साल की मोहलत

जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी शुरुआती 2 वर्षों में निर्धारित कंप्यूटर योग्यता हासिल नहीं कर पाता है, तो उसकी परीक्षण अवधि अधिकतम 3 साल और बढ़ाई जा सकेगी। यदि 5 साल की अधिकतम सीमा समाप्त होने के बाद भी कर्मचारी कंप्यूटर योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेज दिया जाएगा।

सीधी भर्ती में कोई छूट नहीं

सरकार ने आदेश में साफ किया है कि 45 वर्ष की आयु वाले कर्मचारियों को मिलने वाली सीपीसीटी से छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में ही लागू होगी। सीधी भर्ती या अन्य माध्यमों से होने वाली नियुक्तियों में सीपीसीटी और कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता लागू रहेगी। सामान्य नियमों के तहत सीपीसीटी की वैधता 7 साल होती है।