World Physiotherapy Day

World Physiotherapy Day: विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेषज्ञों ने गिनाए उपचार के फायदे

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर मंगलवार को बहराइच फिजियोथेरेपी एसोसिएशन की ओर से मोहल्ला गुदड़ी स्थित एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. रियाजुल हक के आवास पर गोष्ठी आयोजित की गई।

By : विकास जैन
World Physiotherapy Day: विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेषज्ञों ने गिनाए उपचार के फायदे

World Physiotherapy Day: विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेषज्ञों ने गिनाए उपचार के फायदे

अनुराग गुप्ता, बहराइच: विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर मंगलवार को बहराइच फिजियोथेरेपी एसोसिएशन की ओर से मोहल्ला गुदड़ी स्थित एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. रियाजुल हक के आवास पर गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें फिजियोथेरेपी के महत्व और बदलती जीवनशैली में इसकी उपयोगिता पर चर्चा हुई।

फिजियोथेरेपी उपचार की वैज्ञानिक पद्धति 

अध्यक्ष डॉ. रियाजुल हक ने कहा कि फिजियोथेरेपी मांसपेशियों, जोड़ों, हड्डियों और नसों से जुड़ी समस्याओं के उपचार की वैज्ञानिक पद्धति है। आधुनिक मशीनों, व्यायाम, मोबिलाइजेशन और टेपिंग के जरिए मरीजों को राहत दी जाती है। नियमित फिजियोथेरेपी और सही जीवनशैली अपनाकर दर्द तथा दवाओं पर निर्भरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

व्यायाम है जरूरी 

उपाध्यक्ष डॉ. श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य शरीर की कार्यक्षमता का आकलन कर उसे बेहतर बनाना है। कमर, पीठ, गर्दन, कंधे, घुटने के दर्द, फ्रोजन शोल्डर और चोटों में इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं। हालांकि स्थायी लाभ के लिए मरीज को नियमित उपचार और विशेषज्ञ के बताए व्यायाम को धैर्य के साथ जारी रखना जरूरी है।

क्या बोले महामंत्री डॉ. श्रीश प्रताप सिंह?

महामंत्री डॉ. श्रीश प्रताप सिंह ने बताया कि फिजियोथेरेपी में इलेक्ट्रोथेरेपी, वाटर थेरेपी, गर्म-ठंडे सेक और मैकेनिकल ट्रैक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। यह मांसपेशियों की कमजोरी, नसों की समस्या, खेलकूद की चोट, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों और उम्र बढ़ने के कारण होने वाली चलने-फिरने की दिक्कतों में भी उपयोगी है।

मिल सकते है दीर्घकालिक लाभ

डॉ. रियाजुल हक ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द दबाने का नहीं, बल्कि उसकी मूल वजह को दूर करने का प्रयास करती है। नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह से इसके दीर्घकालिक लाभ मिल सकते हैं। इस दौरान डॉ. विकास, डॉ. श्रवण पाल, डॉ. मुदित मायर, डॉ. जियाउर्रहमान, डॉ. विवेक सिंह समेत अन्य फिजियोथेरेपिस्ट मौजूद रहे।

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