Bhopal Master Plan Protest: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान के नए ड्राफ्ट को लेकर किसान अपनी बात रखने के लिए पदयात्रा करते हुए भोपाल पहुंचे है। किसान प्रस्तावित प्लान में 66 गांवों की कृषि भूमि को रिवरफ्रंट, फॉरेस्ट, ग्रीन बेल्ट और अन्य श्रेणियों में शामिल किए जाने के विरोध में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे है। किसानों की पदयात्रा को लेकर राजधानी के नीलबड़ इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है किसानों की मांगें?
किसानों की मांग है कि बड़ा तालाब के संरक्षण के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि का भू-उपयोग बदला जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे इन जमीनों पर पीढ़ियों से खेती करते आ रहे है और उसी से उनका परिवार का भरण—पोषण होता है। किसानों की मांग है कि मास्टर प्लान से भोजताल संरक्षण जोन-1 (BIZ-1) और जोन-2 (BIZ-2) के प्रावधानों को हटाया जाए और कृषि भूमि का लैंडयूज सिर्फ 'कृषि' ही रखा जाए। किसानों का यह भी आरोप है कि नए ड्राफ्ट को तैयार करने से पहले किसानों से कोई चर्चा या सहमति नहीं ली गई। किसानों का कहना है कि सभी प्रभावित 66 गांवों में ग्रामसभाएं कराई जाएं और किसानों की सहमति ली जाए इसके बाद ही बदलाव पर विचार किया जाए।
पुलिस के कड़े इंतजाम
आपको बता दें कि किसानों के भोपाल शहर में प्रवेश की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नीलबड़ क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेड्स लगाकर रास्तों को सील किया गया है।
हालांकि किसानों की चिंता जायज है, लेकिन सरकार ने अभी फिलहाल मास्टर प्लान के नए ड्राफ्ट को लागू नहीं किया है। सरकार ने ड्राफ्ट पर आपत्तियां मंगाई है। आपत्तियों के निराकरण के बाद ही सरकार अगला कदम उठाएगी। यह भी बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार हमेशा किसानों के हितों की सुरक्षा करती आई है।