ग्वालियर। हत्या के प्रयास के मामले में समझौता नहीं होने पर शनिवार को तीन बदमाशों ने हाईकोर्ट अधिवक्ता के घर पहुंचकर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के सैनिक कॉलोनी की है। फायरिंग के तुरंत बाद अधिवक्ता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। वकील की शिकायत पर गोला का मंदिर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले धमकाया, फिर घर पर पहुंचकर चला दी गोली
सैनिक कॉलोनी निवासी अधिवक्ता मनोज भदौरिया ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति पर हत्या के प्रयास का केस था। मामले में मयंक तोमर आरोपी था। मैंने इसका विरोध किया था इसलिए मयंक के बेल खारिज हो गई थी। इसके बाद से आरोपी के पिता और भाई उन पर लगातार केस में समझौता का दबाव बना रहे थे। समझौता नहीं करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। उन्होंने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय थाने में की थी।
मयंक के पिता-भाई के कहने पर शनिवार को गोवर्धन कॉलोनी निवासी मोहित राजावत, उसके साथी किशन जादौन और अभय राजावत उनके घर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने वहां फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही अधिवक्ता ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।
समझौते के दबाव की शिकायत पहले ही कर चुके थे
अधिवक्ता का कहना है कि केस में समझौते के लिए पहले से ही दबाव बनाया जा रहा था और धमकियां दी जा रही थीं। इसी वजह से उन्होंने पुलिस को शिकायत भी दी थी। इसके बावजूद शनिवार को आरोपी पक्ष के लोग उनके घर तक पहुंच गए और फायरिंग कर दी। पुलिस अब फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, आरोपियों की भूमिका और उन्हें भेजने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फायरिंग के पीछे सिर्फ समझौते का दबाव था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी।