प्रमोद शर्मा, हापुड़: दिल्ली-एनसीआर में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाकर उनके इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ईसीएम) चोरी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का हाफिजपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 10 ईसीएम, अवैध हथियार और एक ब्रेजा कार बरामद की है। गिरोह के खुलासे के बाद वाहन चोरी की घटनाओं से जुड़े कई मामलों की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गुरुवार को पुलिस ने किया खुलासा
गुरुवार शाम पुलिस अधिकारियों ने मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के जनपदों में सक्रिय रहकर सड़क किनारे खड़े वाहनों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वाहन का लॉक तोड़कर उसके अंदर लगा कीमती ईसीएम निकालकर फरार हो जाते थे।
ईसीएम वाहन के इंजन को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पार्ट होता है। इसकी कीमत अधिक होने के कारण बदमाश इसे चोरी कर दूसरे माध्यमों से बेचने का काम करते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था और कुछ ही समय में वाहन को ईसीएम विहीन कर मौके से निकल जाता था।
सरगना राशिद उर्फ मच्छी समेत पांच गिरफ्तार
पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नहाल गांव निवासी राशिद उर्फ मच्छी को गिरोह का सरगना बताया गया है। इसके अलावा अरशद, फराज, अमन और उस्मान को भी गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी गाजियाबाद के पसोंडा और टीला मोड़ क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
छह दर्जन मुकदमों ने खोली अपराध की लंबी कुंडली
एएसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में लूट, चोरी तथा आर्म्स एक्ट समेत करीब छह दर्जन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह लंबे समय से वाहन संबंधी अपराधों में सक्रिय था। पुलिस अब बरामद ईसीएम के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के माल की खपत और पूर्व की घटनाओं से इनके कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोर गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।