बृजेश कबीर, हरदोई: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की 12वीं अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक बुधवार को एचके होटल में हुई। अध्यक्षता नराकास अध्यक्ष एवं बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख किरण पाठक ने की। मुख्य अतिथि राजभाषा विभाग (गृह मंत्रालय) के उप निदेशक डॉ. छबिल कुमार मेहेर ने कहा, केंद्र सरकार राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हिंदी का प्रयोग औपचारिकता तक सीमित न रहकर कार्यालयों की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए।
तकनीकी काम भी हिंदी में करने पर जोर
डॉ. मेहेर ने केंद्र सरकार के राजभाषा संबंधी दिशा-निर्देशों और निरीक्षणों की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और यूनिकोड के माध्यम से हिंदी टंकण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा, तकनीकी कार्यों को भी सरलता से हिंदी में करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। गुरु पूर्णिमा का महात्म्य हिन्दी से स्थापित करते हुए इसे सांस्कृतिक जड़ों और अस्मिता से जोड़ा।
पत्राचार, नोटिंग-ड्राफ्टिंग, नामपट्ट, सूचना पट्ट में करें हिंदी प्रयोग: किरण पाठक
नराकास अध्यक्ष किरण पाठक ने सदस्य कार्यालयों से पत्राचार, नोटिंग-ड्राफ्टिंग, प्रपत्र, नामपट्ट और सूचना पट्ट आदि में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देने तथा वार्षिक राजभाषा लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कहा, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन और सदस्य कार्यालयों के सहयोग से समिति हिंदी की उन्नति के लिए लगातार काम कर रही है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को विज्ञान से जोड़ने की जरूरत: मऊ मैत्रा
बैंक ऑफ इंडिया प्रधान कार्यालय से ऑनलाइन जुड़ीं सहायक महाप्रबंधक मऊ मैत्रा ने कार्यालय प्रमुखों को राजभाषा कार्यान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी और संवैधानिक प्रावधानों को गंभीरता से लागू करने पर बल दिया। केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य मो. राशिद ने भाषा और संस्कृति के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय कार्यालयों में हिंदी के अनुपालन से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा।
ज्ञान-विज्ञान के विकास से करें कदमताल: डॉ. आलोक टंडन
अतिथि विशेष भाषाविद एवं दर्शनशास्त्री डॉ. आलोक टंडन ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर विचार रखे। कहा, अतीत की श्रेष्ठ परंपराओं को आत्मसात करते हुए दुनिया में हो रहे ज्ञान-विज्ञान के विकास के साथ कदमताल करना होगा। उन्होंने बुद्ध से गांधी तक की ज्ञान परंपरा पर भी चर्चा की।
राजभाषा ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित
बैठक में राजभाषा ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। संदेश अस्थाना को प्रथम, विकास आर्या को द्वितीय और पूजा सिंह को तृतीय पुरस्कार मिला। शिवांश अवस्थी और पवन कुमार को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। हिंदी सेवा से जुड़े अध्यापकों के साथ हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वरिष्ठ पत्रकार बृजेश कबीर को भी सम्मानित किया गया।
नराकास के प्रयासों से कार्यालयों में बढ़ेगा हिंदी प्रयोग: डॉ. कन्हैया
राजभाषा के प्रचार-प्रसार और प्रगतिशील प्रयोग को गति देने के लिए आगामी छमाही की कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। इस ओर सदस्यों से सुझाव भी लिए गए। समापन पर मनधीर चौधरी ने आभार व्यक्त किया। बैठक संयोजन एवं संचालन सदस्य सचिव डॉ. कन्हैया लाल ने किया। उन्होंने विश्वास जताया, नराकास हरदोई के संयुक्त प्रयासों से सभी कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग और अधिक सशक्त होगा।