सूर्यभान द्विवेदी,अमेठी: अमेठी में चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश पर अमेठी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने डीलरों के स्टॉक की निगरानी के लिए तहसीलवार समितियां गठित करने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि जनपद में चीनी की उपलब्धता सामान्य है। ऐसे में किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। प्रशासन की निगरानी व्यवस्था के तहत डीलरों के स्टॉक की ऑनलाइन घोषणा और प्रत्येक शुक्रवार को उसका अपडेट भी अनिवार्य किया गया है।
निगरानी टीमों का हुआ गठन
जिलाधिकारी संजय चौहान ने शनिवार को बताया कि शासन द्वारा चीनी के स्टॉक पर निर्धारित सीमा लागू किए जाने के निर्देशों के अनुपालन में जनपद अमेठी में चीनी की उपलब्धता एवं स्टॉक की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए तहसीलवार निगरानी टीमों का गठन किया गया है। यह व्यवस्था एक अगस्त से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार कोई भी चीनी डीलर स्टॉक प्राप्ति की तिथि से 30 दिनों से अधिक अवधि तक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा तथा। किसी भी समय 4000 कुंतल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। साथ ही सभी डीलरों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर चीनी स्टॉक की स्थिति घोषित करना तथा प्रत्येक शुक्रवार को उसका विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बताया कि जनपद में चीनी के स्टॉक की निगरानी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गौरीगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना तथा तिलोई तहसीलों में उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों में संबंधित क्षेत्रीय खाद्य एवं विपणन अधिकारियों तथा पूर्ति निरीक्षकों को सदस्य नामित किया गया है।
निर्देशों का अनुपालन करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में चीनी की उपलब्धता सामान्य है।इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई व्यक्ति भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाकर अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें तथा किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।