इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम वार्ड 58 और 60 के उपचुनाव को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत और पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनों वार्डों का चुनाव फिलहाल टाल दिया है आयोग ने माना की मौजूदा सूची के आधार पर मतदान कराने से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
अब पहले दोनों वार्डों की वोटर लिस्ट की जांच होगी। टीमों को मौके पर भेजकर मतदाताओं और सूची में दर्ज विवरण का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। इसके बाद9 ही चुनाव की नई तारीख घोसित होगी।
शिकायत के बाद आयोग ने मांगी पुलिस रिपोर्ट
मतदाता सूची को लेकर शिकायत सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने इंदौर जोन-1 के डीसीपी से रिपोर्ट तलब की थी। पुलिस रिपोर्ट में चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मतदान कराने पर कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य आयोग ने दोनों वार्डों की मतदाता सूचियों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया। इसी के साथ मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी गई
मौके पर जाकर होगी वोटर लिस्ट की जांच
अब वार्ड 58 और 60 में मतदाता सूची का नए सिरे से सत्यापन किया जाएगा। जांच टीम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि संबंधित इलाकों में जाकर मतदाताओं के नाम और सूची में दर्ज जानकारी का मिलान करेगी। इस पूरी कवायद की निगरानी के लिए एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को प्रेक्षक की जिम्मेदारी दी जाएगी। सत्यापन के दौरान सामने आने वाली बड़ी गड़बड़ियों में जरूरी सुधार के बाद आयोग ने दोनों वार्डों के लिए नया चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।
पहले भी चुनावी विवाद में फंस चुका वार्ड 60
बता दें कि वार्ड 60 का उपचुनाव पहले ही हाई कोर्ट के आदेश के कारण रुक गया था। अब वार्ड 58 का चुनाव भी स्थगित होने के बाद दोनों वार्डों में उपचुनाव की प्रक्रिया फिलहाल थम गई है। अब निगाहें मतदाता सूची के सत्यापन पर हैं। जांच पूरी होने और जरूरी सुधार के बाद राज्य निर्वाचन आयोग नई तारीख का ऐलान करेगा।