UP Karni Sena Election: उत्तरप्रदेश भले ही अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन चुनावी बिसात अभी से बिछाना शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में करणी सेना ने यूपी में चुनावी लड़ने का ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा है कि करणी सेना राज्य की 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। करणी सेना की इस घोषणा के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और विपक्षी दलों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ेंगे
कार्यकर्ता'प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता अब केवल सामाजिक मुद्दों तक सीमित न रहकर राजनीतिक भागीदारी भी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता प्रदेश के गांव-गांव और हर बूथ स्तर पर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और संगठन की विचारधारा व जनहित के मुद्दों से जनता को जोड़ेंगे। चुनाव की जमीनी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और जल्द ही प्रमुख सीटों के चयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
क्या होंगे चुनावी मुद्दे?
संगठन के अनुसार, चुनावी मैदान में उतरने के पीछे मुख्य उद्देश्य सवर्ण समाज और आम जनमानस के अधिकारों की रक्षा करना है। करणी सेना ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसे मुद्दों को शामिल किया है। माना जा रहा है कि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर करणी सेना अपने प्रत्याशी उतार सकती है।