विशाल चतुर्वेदी,गोरखपुर: महाराणा प्रताप महिला पी. जी. कॉलेज (रामदत्तपुर, गोरखपुर) में मंगलवार (22 सितंबर 2026) को राष्ट्रीय पोषण माह के तहत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार : महिला पोषण एवं स्वास्थ्य का महत्व" विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में गृह विज्ञान की प्रवक्ता गरिमा सिंह और बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा श्वेता भारती ने छात्राओं व प्राध्यापकों को महिला स्वास्थ्य, संतुलित थाली और विभिन्न जीवन चक्रों में पोषण की अनिवार्यता पर विस्तृत जानकारी दी।
पोषण केवल भोजन नहीं, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य का आधार: गरिमा सिंह
मुख्य वक्ता गरिमा सिंह ने कहा कि महिला स्वास्थ्य और परिवार का स्वास्थ्य सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े हैं। पोषण केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि इसे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। उन्होंने शरीर के लिए मुख्य घटकों की आवश्यकता समझाते हुए बताया कि कार्बोहाइड्रेट दैनिक कार्यों के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत। प्रोटीनमांसपेशियों के निर्माण और कोशिकाओं की मरम्मत के लिए अनिवार्य। वसा ऊर्जा के साथ-साथ आवश्यक विटामिन्स के अवशोषण में सहायक। कैल्शियम, आयरन, और विटामिन-A व C आंखों की रोशनी व रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी हैं। दैनिक ऊर्जा के लिए भोजन में 25% कार्बोहाइड्रेट, 15 से 25% प्रोटीन और 20 से 30% स्वस्थ वसा होना चाहिए।
कैसी होनी चाहिए दैनिक 'संतुलित थाली'?
50% हिस्सा (आधा): ताजी मौसमी हरी सब्जियां और फल।
25% हिस्सा (एक-चौथाई): साबुत अनाज या बाजरा (मोटा अनाज)।
25% हिस्सा (एक-चौथाई): प्रोटीन युक्त दालें, दूध, पनीर या अंकुरित अनाज।
परहेज: उन्होंने अत्यधिक चीनी, नमक और बाहर के तले-भुने (जंक फूड) खाने से पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह दी।
किशोरावस्था व गर्भावस्था में आयरन-कैल्शियम की अनिवार्यता
इसी कड़ी में बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा श्वेता भारती ने अपने विचार रखते हुए किशोरावस्था, गर्भावस्था और धात्री महिलाओं (स्तनपान कराने वाली माताओं) के पोषण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में तेजी से होते हार्मोनल बदलावों और शारीरिक विकास के कारण आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि युवतियों को एनीमिया (रक्तहीनता) जैसी समस्याओं से बचाया जा सके।
प्राध्यापकों की उपस्थिति व संकल्प
कार्यक्रम का समापन "सही भोजन, सही आदत, नियमित स्वास्थ्य-जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली" अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। व्याख्यान के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. अनुभा मिश्रा, डॉ. राजकुमार, रितेंद्र नाथ पाण्डेय, नितेश सिंह, मानसी शर्मा और रिया गुप्ता सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व छात्राएं उपस्थित रहीं।