मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में हाथियों की मौजूदगी के बीच वन विभाग ने लोगों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। वन मंडलाधिकारी विद्या भूषण मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि हाथियों के आसपास जाने या उन्हें देखने के लिए भीड़ न लगाएं और पर्याप्त दूरी बनाए रखें। वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि हाथी वन्यजीव हैं और उनके बेहद करीब जाना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है। ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
हाथियों को न छेड़ें, रास्ता भी न रोकें
वन विभाग ने लोगों से साफ कहा है कि हाथियों को परेशान करने, उनका रास्ता रोकने या उनके पास जाकर फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश न करें। किसी इलाके में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिले तो वहां जाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से वन्यजीव असहज हो सकते हैं। इससे स्थिति बिगड़ने और अप्रिय घटना की आशंका बढ़ जाती है।
शाम और रात में विशेष सावधानी की अपील
वन विभाग ने हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में अनावश्यक प्रवेश से बचने की सलाह दी है। खासकर शाम और रात के समय लोगों को ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है। वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। जरूरत के मुताबिक लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी विद्या भूषण मिश्रा ने कहा कि वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

एक दिन पहले हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत की सूचना
हाथियों को लेकर यह सतर्कता ऐसे समय बढ़ाई गई है, जब एक दिन पहले रामनगर विकासखंड के सिंगपुर मौहारी गांव में जंगली हाथी के पहुंचने से हड़कंप मच गया था। हाथी ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान ग्रामीण कंछेदी यादव की हमले में मौत होने की सूचना है। घरों के मलबे में बकरी समेत कई जानवरों के दबे होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना के बाद गांव में डर और नाराजगी का माहौल है।
पुरैना के सरपंच ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम कई घंटे बाद मौके पर पहुंची। हालांकि, विभाग की लापरवाही के इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल ग्रामीण वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।