Rewa-Churhat Railway Line

Rewa-Churhat Railway Line: विंध्य और बुंदेलखंड को बड़ी रेल सौगात, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट लाइन शुरू

मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के निवासियों के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी खुशखबरी आई है।

By : विकास जैन
Rewa-Churhat Railway Line:  विंध्य और बुंदेलखंड को बड़ी रेल सौगात, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट लाइन शुरू

Rewa-Churhat Railway Line: विंध्य और बुंदेलखंड को बड़ी रेल सौगात, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट लाइन शुरू

Rewa-Churhat Railway Line: मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के निवासियों के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी खुशखबरी आई है। क्षेत्र में सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेल लाइनों पर परिचालन शुरू हो चुका है, जिससे अब इन इलाकों के बीच यात्रा पहले की तुलना में बेहद आसान हो जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार और आगामी योजनाओं को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी है। इसमें नई रेल पटरियां बिछाने के साथ-साथ व्यस्त रूटों का दोहरीकरण और तीसरी-चौथी लाइन के निर्माण कार्य शामिल हैं। ललितपुर-सिंगरौली, सतना-रीवा, कटनी-सिंगरौली और इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।

60 मेमू/इंटरसिटी चलाने की योजना

रेलवे कनेक्टिविटी को गति देने के लिए आने वाले वर्षों में ट्रेनों की संख्या में व्यापक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। आने वाले समय में मध्य प्रदेश से 100 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू की जा सकती हैं। यात्रियों की रोजाना की सहूलियत के लिए 50 से 60 नई मेमू (MEMU) और इंटरसिटी रेल सेवाएं चलाने का खाका तैयार किया गया है।

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा

इन नई रेल लाइनों और परियोजनाओं का सकारात्मक असर केवल यात्रियों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा। रीवा, सतना, सीधी और पन्ना जैसे जिलों में माल ढुलाई आसान होने से स्थानीय व्यापार और उद्योगों को नई गति मिलेगी। इतना ही नहीं कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी, वहीं विंध्य और बुंदेलखंड के धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।