Chitrakoot Flood Relief: चित्रकूट क्षेत्र में हुई भारी अतिवृष्टि के कारण मंदाकिनी और सेमरावल नदियों के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई रिहाइशी क्षेत्रों में पानी भरने से आम नागरिकों के घरों और सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी और त्वरित सक्रियता के चलते राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
राहत और बचाव कार्य तेज
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बचाव दल लगातार मुस्तैद हैं और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अतिवृष्टि और जलभराव से हुए बुनियादी व निजी संपत्ति के नुकसान का प्रशासनिक टीमों द्वारा आकलन शुरू कर दिया गया है। शासन-प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश
चित्रकूट की स्थिति पर सीधी नजर रख रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी राहत कार्य संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाएं। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोहन सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम
मध्य प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी किया। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में बाढ़ और जल भराव की स्थिति में सूचना या सहायता के लिए 07672-223211 पर करें संपर्क।