अंकित पाण्डेय, गौरीगंज (अमेठी): पंखे में उतरे करंट ने तीन मासूम बच्चों से उनकी मां की ममता छीन ली। हादसे में संतोष कुमारी (30) की मौत हो गई। मां की मौत के बाद छह साल की दिव्यांशी, तीन साल की दीवानसी और दो साल का रितिक मां-मां पुकारकर रो रहे हैं। बच्चों की मासूम पुकार सुनकर परिवार के लोगों का कलेजा फट रहा है। हादसे के बाद घर में कोहराम मचा है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
पंखे में उतरे करंट से हुआ हादसा
घटना गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरीपुर गांव के पूरे सुब्बा सिंह का पुरवा की है। यहां रहने वाली संतोष कुमारी पत्नी श्री राम घर पर थीं। इसी दौरान वह पंखे में उतरे करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
मां को पुकारकर रो रहे मासूम
संतोष कुमारी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। छह वर्षीय दिव्यांशी, तीन वर्षीय दीवानसी और दो वर्षीय रितिक अभी इतने छोटे हैं कि मां के हमेशा के लिए दूर चले जाने का मतलब भी नहीं समझ सकते। उन्हें बार-बार अपनी मां की याद सता रही है। मां-मां पुकारकर रोते बच्चों को देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो जा रही हैं।
खुशियों वाले घर में पसरा मातम
जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा है। संतोष कुमारी की असमय मौत से पति श्री राम और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठने से हर कोई दुखी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी शोक जताने और परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। मां की ममता से महरूम हुए तीनों मासूमों की पीड़ा हर किसी को भावुक कर रही है।