भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी के बदलाव को लेकर हो रही चर्चाओं की अटकलों पर अब विराम लगा दिया है। केंद्रीय नेतृत्व ने कई राज्यों के नेतृत्व में बदलाव किया है। इसके चलते एमपी में भी संगठन स्तर पर एक साथ दो बड़े बदलाव सामने आए हैं। एक तरफ पार्टी ने प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी का पद बदला है। वहीं, दूसरी तरफ मीडिया प्रभारी की कुर्सी पर भी नया चेहरा बैठाया गया है। दोनों नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं और आने वाले चुनावी माहौल में संगठन को धार देने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं।
त्रिपुरा के पूर्व सीएम को मिली एमपी की कमान
काफी समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बीजेपी आलाकमान ने त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब कुमार देव को मध्य प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी बनाया है। उनके साथ ही सांसद रेखा वर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सैंपी4 गई है। इससे पहले यह जिम्मा डॉ महेंद्र सिंह के पास था। लेकिन उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके चलते मध्य प्रदेश में नए प्रभारी की तलाश तेज हो गई थी। वहीं, दिल्ली से विधायक और सह प्रभारी सतीश कुमार उपाध्याय दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसलिए उनकी जगह भी बदलाव जरूरी माना जा रहा था। आइए जानते है एमपी में जिम्मेदारी संभालने वाले तीनों लोग कौन हैं?
कौन हैं बिप्लब कुमार देव और रेखा वर्मा
बिप्लब कुमार देव 2018 से 2022 तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में ही बीजेपी ने 2018 में पहली बार त्रिपुरा में सरकार बनाई ती। 2024 में वे त्रिपुरा पश्चिम सीट से सांसद चुने गए और फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं, रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश की धौरहरा सीट से दो बार सांसद रह चुकी है। साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद संभाल रही हैं।
मध्य प्रदेश के नेताओं को अन्य राज्यों की भी जिम्मेदारी
इस फेरबदल में सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बदला, बल्कि प्रदेश के चार नेताओं को दूसरे राज्यों में भी अहम भूमिका दी गई है। पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार को राजस्थान में सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य को पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया है। वहीं, खरगोन से सांसद गजेंद्र पटेल को झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
अब मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी भी बदली
इसी बीच मध्य प्रदेश बीजेपी में एक और अहम नियुक्ति हुई है। रायसेन जिला के बृजगोपाल लोया को प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। लोया अब तक प्रदेश संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। अब वे आशीष अग्रवाल की जगह लेंगे। आशीष अग्रवाल को 2023 विधानसभा चुनाव से पहले यह जिम्मेदारी मिली थी और बाद में अगस्त 2026 में उन्हें बीजेपी की राष्ट्रीय मीडिया टीम में सह मीडिया प्रभारी बना दिया गया।
मीडिया और डिजिटल मोर्चे पर लगातार बदलाव
पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया और सोशल मीडिया विभाग में कई बदलाव देखने को मिले हैं। अप्रैल 2026 में पार्टी ने प्रदेश प्रवक्ताओं, सह मीडिया प्रभारियों और पैनलिस्टों की नई सूची जारी की थी, और अब सितंबर में भी संगठन के अलग-अलग स्तरों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे साफ है कि पार्टी डिजिटल कम्युनिकेशन और मीडिया प्रबंधन को लेकर पूरी तरह सक्रिय मोड में है।
प्रभारी पद की भूमिका अहम क्यों है?
भारतीय जनता पार्टी संगठन में प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्य इकाई के बीच सेतु का काम करते हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के साथ मिलकर पार्टी गतिविधियों, कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों पर नजर रखते हैं। साथ ही राज्य से जुड़ी रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का काम भी करते हैं। सह प्रभारी इसी जिम्मेदारी में प्रभारी का साथ देते हैं। चुनाव नजदीक आते ही इन पदों की अहमियत और बढ़ जाती है। ऐसे में मध्य प्रदेश में हुए दोनों बदलाव आने वाले समय के लिहाज से खास मायने रखते हैं।