MP Heritage Train to Start Soon

MP में एक सप्ताह में दौड़ेगी हेरिटेज ट्रेन, 12 कोच इंदौर पहुंचे; जल्द शुरू होगी बुकिंग

इंदौर जिले में चलने वाली पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच इंदौर पहुंच गए हैं। ट्रायल रन के बाद एक सप्ताह में संचालन शुरू होने की उम्मीद है।<br/>

By : संजय चतुर्वेदी
MP में एक सप्ताह में दौड़ेगी हेरिटेज ट्रेन, 12 कोच इंदौर पहुंचे; जल्द शुरू होगी बुकिंग

Heritage Train Running Updates

इंदौर। मध्य प्रदेश में पातालपानी-कालाकुंड की खूबसूरत वादियों की सैर करने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। ऐतिहासिक हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच राजस्थान के बीकानेर में मरम्मत के बाद रविवार को मालगाड़ी के जरिए इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। अब इन कोच को पातालपानी ले जाया जाएगा। रेलवे की तैयारियां पूरी रहीं तो करीब एक सप्ताह के भीतर हेरिटेज ट्रेन फिर से यात्रियों और पर्यटकों को पहाड़ियों, घाटियों और झरनों के बीच सफर कराती नजर आ सकती है।

ट्रायल रन के बाद शुरू होगा संचालन

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार के अनुसार, लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से 12 कोच को महू होते हुए पातालपानी पहुंचाया जाएगा। वहां क्रेन की मदद से कोच को ट्रैक पर उतारा जाएगा। इसके बाद इंजन के साथ सभी कोच का अलाइनमेंट किया जाएगा। ट्रायल रन के दौरान रैक, ट्रैक, संचालन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच होगी। सभी व्यवस्थाएं सामान्य मिलने पर यात्री संचालन शुरू किया जाएगा। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर ट्रेन पातालपानी से कालाकुंड के बीच फिर दौड़ने लगेगी। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

155 साल से ज्यादा पुराना है यह रेल मार्ग

पातालपानी से कालाकुंड के बीच करीब 9.5 से 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज रेलवे ट्रैक 155 साल से अधिक पुराना है। इस रेल लाइन की योजना 19वीं सदी में इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजी राव होलकर द्वितीय ने बनाई थी। महाराजा ने 1870 में इसके निर्माण की पहल की थी और 1878 में यह लाइन होलकर स्टेट रेलवे के तहत पूरी हुई। 1881-82 के दौरान यह मार्ग राजपूताना-मालवा रेलवे का हिस्सा बन गया। यह ऐतिहासिक रेलखंड डॉ. अंबेडकर नगर यानी महू-खंडवा मीटरगेज मार्ग का हिस्सा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इस हिस्से को ब्रॉडगेज में बदलना आसान नहीं था।

2018 में शुरू हुई थी हेरिटेज ट्रेन

रेलवे ने इस ऐतिहासिक ट्रैक को संरक्षित रखते हुए वर्ष 2018 में हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू किया था। पहली हेरिटेज ट्रेन 25 दिसंबर 2018 को पातालपानी-कालाकुंड मार्ग पर चली थी। तब से यह ट्रेन पर्यटकों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। खासकर मानसून के दौरान पहाड़, हरियाली, झरने और घाटियों के बीच ट्रेन का सफर लोगों को काफी पसंद आता है।

पिछले साल 6 कोच के साथ चली थी ट्रेन

पिछले वर्ष हेरिटेज ट्रेन में कुल छह कोच लगाए गए थे। इनमें दो वातानुकूलित चेयरकार सी-1 और सी-2 तथा चार सामान्य चेयरकार डी-1, डी-2, डी-3 और डी-4 शामिल थे। पिछले साल एक तरफ की यात्रा के लिए एसी चेयरकार का किराया 265 रुपये और सामान्य चेयरकार का किराया 20 रुपये प्रति टिकट निर्धारित किया गया था। इस बार किराए और बुकिंग से जुड़ी जानकारी रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।

चार सुरंगें और 24 मोड़ बनाते हैं सफर रोमांचक

पातालपानी-कालाकुंड रेल मार्ग भले ही करीब 9.5 किलोमीटर लंबा है, लेकिन प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच के लिहाज से यह सफर बेहद खास है। इस ट्रैक पर चार सुरंगें, करीब 24 मोड़, छह बड़े और 35 छोटे पुल हैं। रास्ते में एक ओर पहाड़ और घने जंगल दिखाई देते हैं तो दूसरी ओर घाटियां और झरने नजर आते हैं। मानसून के दौरान आसपास की हरियाली और पातालपानी का झरना इस यात्रा को और आकर्षक बना देता है। यही वजह है कि हेरिटेज ट्रेन पर्यटकों के लिए इंदौर और आसपास के क्षेत्रों का लोकप्रिय आकर्षण बनी हुई है।

कोच की मरम्मत के कारण इस साल संचालन में देरी

रेलवे के अनुसार, वर्ष 2025 में हेरिटेज ट्रेन का संचालन मानसून के दौरान 26 जुलाई से 16 नवंबर तक किया गया था। ट्रेन हर शुक्रवार से रविवार के बीच चलाई गई थी। इस साल कोच की मरम्मत में अपेक्षाकृत अधिक समय लगने के कारण संचालन शुरू होने में देरी हुई है। अब 12 मरम्मत किए गए कोच इंदौर पहुंच चुके हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेन को पटरी पर उतारने की तैयारी है।

पर्यटकों को अब ट्रायल रन और रेलवे की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। संचालन शुरू होने के बाद बुकिंग की तारीख, किराया और यात्रा के समय की आधिकारिक जानकारी भी जारी की जाएगी।