MP No-UPI Day

MP No UPI-Day: एमपी में आज 'नो-UPI डे', व्यापारी जताएंगे विरोध

मध्य प्रदेश के व्यापारिक जगत में यूपीआई लेनदेन पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में...

By : विकास जैन
MP No UPI-Day: एमपी में आज 'नो-UPI डे', व्यापारी जताएंगे विरोध

MP No UPI-Day: एमपी में आज 'नो-UPI डे', व्यापारी जताएंगे विरोध

MP No UPI-Day: मध्य प्रदेश के व्यापारिक जगत में यूपीआई लेनदेन पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में 'नो-UPI डे' मनाया जा रहा है। इसके तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत पूरे प्रदेश के व्यापारी 2,000 से अधिक का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं कर रहे हैं। राजधानी भोपाल में व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपनी दुकानों के यूपीआई क्यूआर कोड स्कैनर को काले कपड़े से ढक दिया है।

पेट्रोल पंपों पर भी बंद यूपीआई! 

एमपी के पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने के बाद अब 16 अक्टूबर से प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर 2,000 से अधिक के बिलों के लिए यूपीआई से भुगतान नहीं लिया जाएगा। संगठन कहा है कि यह सांकेतिक विरोध है और किसी भी ग्राहक के साथ किसी भी प्रकार की जोर-जबर्दस्ती नहीं की जा रही है, बल्कि उन्हें नकद या अन्य माध्यमों से भुगतान करने का अनुरोध किया जा रहा है।

हर महीने अतिरिक्त वित्तीय बोझ

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग 4,700 पेट्रोल पंप हैं। एक औसत पेट्रोल पंप पर रोजाना 2,000 से अधिक के करीब 100 UPI ट्रांजेक्शन होते हैं। ऐसे में चार्जेस और 18% जीएसटी मिलाकर प्रतिदिन 590 का अतिरिक्त खर्च आएगा। इस हिसाब से हर पंप मालिक पर प्रतिमाह 17,400 का बोझ पड़ेगा। सभी 4,700 पेट्रोल पंपों को मिलाकर हर महीने मालिकों को करीब 8.17 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि कम मार्जिन वाले व्यापार में यह अतिरिक्त बोझ वहन करना पूरी तरह असंभव है।