भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के छात्र-छात्राओं का आंदोलने बुधवार को भी जारी रहा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र मुख्यमंत्री आवास के घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया।
पुलिस के रोके जाने के बाद भी छात्र मौके से हटने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और अपनी पढ़ाई, परीक्षा के साथ डिग्री से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। मार्च के दौरान कई विद्यार्थी भावुक नजर आए।
6 साल से अटकी परीक्षा और डिग्री
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना हैकि नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया के कारण उनका भविष्य करीब छह साल से प्रभावित है। समय पर परीक्षाएँ नहीं होने के साथ ही डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं होने की समस्या बनी हुई है। इतना ही नहीं स्कॉलरशिप में देरी ने भी छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है। उनका कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बावजूद परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में फंसे होने के कारण आगे की पढ़ाई, नौकरी और करियर पर सीधा असर पड़ रहा है।
कॉलेज की मान्यता की जिम्मेदारी छात्रों की नहीं
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेजों की मान्यता और उसकी वैधता से जुड़ी जिम्मेदारी छात्रों की नहीं है। यदि किसी कॉलेज को नियमों की विपरीत मान्यता दी गई है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित शासन, प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय होनिी चाहिए। छात्रों का कहना हैकि व्यवस्था की कमियों का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की मांग की है।
लिखित आवेदन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान एक छात्र मुखिया का कहना हैकि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई है। विद्यार्थियों ने साफ किया कि वे केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। छात्रों का कहना है कि मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
क्या है छात्रों की मांग
विद्यार्थियों की बैच 2020-21 के छात्रों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराना।
छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का भी जल्द समाधान करने की मांग की गई है
छात्रों को नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और उससे जुड़ी अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि सरकार को जल्द फैसला लेकर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।