जगदलपुर। लालबाग मैदान में मंच से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ आना मुझे हमेशा घर जैसा लगता है। यहां की संस्कृति बहुत प्राचीन है और उतनी ही मीठी भी। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम यहां के लोग सिर्फ़ देखते नहीं, बल्कि उसे उत्सव की तरह जीते हैं। बस्तर की सुंदरता और संस्कृति देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है।
बस्तर पंडुम: परंपरा, पहचान और गर्व का मंच
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस मौके पर विभिन्न जनजातियों ने अपने पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र, वेशभूषा और रीति-रिवाजों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी कलाकार जब नृत्य कर रहे थे, तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।
