इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए पुलिस ने 31 सुरक्षा शर्तें तय की हैं। आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाले छात्रों की संख्या, उनके आने के साधन और वाहनों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही शपथ पत्र और पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राजीव गांधी हत्याकांड की जांच रिपोर्ट का भी जिक्र
पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों में 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े इंतजामों को ध्यान में रखते हुए आयोजकों की जिम्मेदारियां तय की हैं।
आयोजकों को कार्यक्रम में आने वाले लोगों की वास्तविक संख्या शपथ पत्र में देने को कहा गया है। इसमें पुरुष और महिला प्रतिभागियों की संख्या अलग अलग बतानी होगी। कार्यक्रम स्थल की क्षमता पूरी होने पर प्रवेश रोकने का अधिकार पुलिस के पास रहेगा।
1500 वॉलंटियर, 40 CCTV और अलग प्रवेश निकास
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कम से कम 1500 वॉलंटियर तैनात करने होंगे। इनमें कम से कम 500 महिला वॉलंटियर रखने की शर्त है। कार्यक्रम स्थल पर करीब 40 CCTV कैमरे लगाने और उनकी लाइव फीड पुलिस तक पहुंचाने की व्यवस्था भी रखी गई है। पुलिस ने छह प्रवेश और आठ निकास द्वार बनाने, मेटल डिटेक्टर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। भीड़ को 2000 लोगों की क्षमता वाले अलग अलग सेक्टरों में बांटने की योजना है। मंच के सामने 25 से 30 फीट का खाली क्षेत्र रखने और आपात स्थिति में निकासी के लिए छह मीटर चौड़ा कॉरिडोर खाली रखने को कहा गया है।
छात्रों और वाहनों का पूरा ब्योरा मांगा
पुलिस ने आयोजकों से यह जानकारी भी मांगी है कि किस जिले, तहसील और कॉलेज से कितने छात्र कार्यक्रम में आएंगे। बस, निजी वाहन और रेल से आने वाले लोगों की संख्या के साथ वाहनों के नंबर, चालकों के नाम और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराने होंगे। आगमन के संभावित मार्ग और समय के साथ पार्किंग की व्यवस्था पहले से तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल व्यवस्था, आपातकालीन निकासी और सुरक्षा जांच की व्यवस्था भी रखी गई है। ड्रोन के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। केवल पुलिस के अधिकृत ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड से स्थल की जांच कराने की व्यवस्था भी सुरक्षा योजना में शामिल है।
पोस्टर और भड़काऊ टिप्पणी पर रोक
पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक या उत्तेजक चित्र, बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाने पर रोक लगाई है। किसी धर्म, जाति या समुदाय के साथ राजनीतिक अथवा गैर राजनीतिक संगठन के खिलाफ भड़काऊ या अपमानजनक टिप्पणी नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोजकों को पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराकर उसकी रिकॉर्डिंग पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इन शर्तों को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से सवाल उठाए गए हैं, जबकि पुलिस ने इन्हें सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं बताया है।