Amethi Weather Update: जिले में लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन के साथ कारोबार पर भी पड़ रहा है। अमेठी, रामगंज, संग्रामपुर, विशेषरगंज, भादर, गौरीगंज, जगदीशपुर, मुंशीगंज और शाहगढ़ के बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। आम दिनों में ग्राहकों से गुलजार रहने वाली दुकानों पर शनिवार को इक्का-दुक्का ग्राहक ही नजर आए।
दुकानदार सुशील जायसवाल ने बताया कि सामान्य दिनों में इस समय दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रहती थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। इससे बिक्री काफी प्रभावित हुई है और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किराना व्यवसायी चंदन ने बताया कि बारिश के चलते दुकान पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। जरूरी सामान की खरीदारी के लिए भी लोग मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में रोजाना के कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है।
वहीं कालिका ढाबा के संचालक रंजीत श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य दिनों में ढाबे पर सैकड़ों लोग भोजन करने पहुंचते थे, लेकिन बारिश के कारण शनिवार को दो-चार ग्राहक ही पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से ढाबे के कारोबार पर भी काफी असर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में कारोबार और प्रभावित हो सकता है।
भवसिंहपुर गांव जलमग्न, घरों तक पहुंचा पानी
विवेक सिंह, संग्रामपुर, अमेठी: विकासखंड संग्रामपुर का भवसिंहपुर गांव इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। लगातार बारिश के बाद गांव की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। हालात यह हैं कि पड़ोसी के घर तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। गांव के करीब एक दर्जन परिवार जलभराव से प्रभावित हैं और उन्हें घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। भवसिंहपुर गांव में करीब 100 मीटर पक्की सड़क पर वर्षभर पानी भरा रहता है, लेकिन बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। इस समय अवधेश सिंह चौहान के घर से इंद्रप्रकाश सिंह (लल्लू) के घर तक पूरी सड़क पानी में डूबी हुई है। सड़क पर जलभराव के कारण ग्रामीणों का गांव से बाहर आना-जाना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो सड़क पर जमा पानी घरों के अंदर पहुंच सकता है। जलभराव से ज्ञानेंद्र सिंह (ज्ञान सिंह), रवींद्र सिंह, बृजकिशोर सिंह, यशवंत सिंह, विजय सिंह बीडीसी, अशोक सिंह, उमेश सिंह और आशा सिंह समेत कई परिवार प्रभावित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है।
गौरतलब है कि भवसिंहपुर गांव में प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कालिका मंदिर के साथ ही विकासखंड संग्रामपुर मुख्यालय और कई सरकारी भवन भी स्थित हैं। इसके बावजूद गांव में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन के समक्ष समस्या उठाई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराकर जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाए, ताकि बरसात में आवागमन बाधित न हो और घरों में पानी पहुंचने की स्थिति न बने।
मकान ढहे और बिजली व्यवस्था चरमराई
तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवा ने जिले में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कच्चे मकान गिरने से कई परिवारों के सामने आश्रय की समस्या खड़ी हो गई। पेड़ गिरने से कई रास्तों पर आवागमन बाधित रहा। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीण परेशान हैं। धान और सब्जी की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। टिकरी में विधवा रामपति का कच्चा मकान गिर गया। नौगिरवा में हरिराम कोरी का घर भी बारिश में ढह गया। परिवारों के सामने रहने का संकट है। भेटुवा, गोपालपुर, कटरा राजा हिम्मत सिंह, घाघूघार और संग्रामपुर में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई जगह घंटों से बिजली गुल है।
महोना पीएचसी के गेट पर पेड़ गिरने से मरीजों को परेशानी हुई। क्षेत्र में दो दिन से विद्युत आपूर्ति बाधित है। शनिवार को जलनिगम की पेयजल टंकी की सौर ऊर्जा व्यवस्था नहीं चल सकी, जिससे पानी की आपूर्ति बंद रही। सपहा में एलबी कॉन्वेंट स्कूल के पास पेड़ गिरने से मुसाफिरखाना-अमेठी मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बाजारशुक्ल में नदी किनारे गांवों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी है। जामो के बलभद्रपुर में कच्चा मकान गिरने से उषा पत्नी रामकुमार पासी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई जारी है। बारिश में धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। सब्जियों को भी नुकसान हुआ। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बारिश में ढहा गरीब का कच्चा आशियाना
नवीन मिश्रा, मुंशीगंज। लगातार बारिश के चलते नौगिरवा निवासी हरीराम कोरी का कच्चा कमरा शनिवार सुबह भरभराकर गिर गया। इससे परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।हरीराम के पास न दूसरा आवास है और न ही कृषि योग्य जमीन। वह मजदूरी कर पत्नी मालती, बेटे सूरज और बेटी मनीषा का पालन-पोषण करते हैं।हरीराम की तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार इसी कच्चे कमरे में रह रहा था। कमरा गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।ग्राम प्रधान ईश्वर यादव ने बताया कि हरीराम को पहले इंदिरा आवास योजना का लाभ मिला था। जर्जर होने के कारण वह आवास भी गिर गया था। इसके बाद परिवार ने कच्चा कमरा बनाकर रहना शुरू किया था, जो लगातार बारिश में ढह गया।प्रधान ने मौके पर पहुंचकर परिवार का हाल जाना और लेखपाल विजयपाल को घटना की सूचना दी। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आवास और आर्थिक सहायता की गुजारिश की है।