चंदेरी। रानी लक्ष्मीबाई सागर राजघाट बांध में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए मानसून सीजन में पहली बार आठ गेट खोल दिए गए हैं। बांध के कुल 18 गेटों में से गेट नंबर 7 से 14 तक को एक-एक मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इन गेटों से फिलहाल 54,748 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
ऊपरी इलाकों में बारिश से बढ़ी पानी की आवक
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए बांध में जितना पानी आ रहा है, लगभग उतना ही पानी गेटों के जरिए बाहर छोड़ा जा रहा है।
खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर
राजघाट बांध की कुल क्षमता 371 मीटर है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 370.50 मीटर तक पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
MP-UP संपर्क मार्ग फिलहाल चालू
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग और पुल फिलहाल यातायात के लिए खुला है। बताया गया है कि पानी का स्तर अभी पुल से करीब दो फीट नीचे है। प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी कर रहा है।
निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट
बांध के गेट खुलने के बाद नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मानसून में पहली बार खुले 8 गेट
राजघाट बांध के 18 गेटों में से 8 गेट पहली बार इस मानसून में खोले गए हैं। गेट नंबर 7 से 14 तक एक-एक मीटर खोले गए हैं और इनके जरिए 54 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल MP-UP संपर्क मार्ग पर आवाजाही जारी है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन की ओर से आगे फैसला लिया जा सकता है।