MP Coaching Center New Rules

MP Coaching Center New Rules: MP में बदले कोचिंग सेंटरों के नियम, फीस को लेकर हुआ बदलाव

मध्य प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन और उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली है।

By : विकास जैन
MP Coaching Center New Rules: MP में बदले कोचिंग सेंटरों के नियम, फीस को लेकर हुआ बदलाव

MP Coaching Center New Rules: MP में बदले कोचिंग सेंटरों के नियम, फीस को लेकर हुआ बदलाव

MP Coaching Center New Rules: मध्य प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन और उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली है। उच्च शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र नियम, 2026 का प्रारूप जारी कर दिया है। इसके तहत कोचिंग संस्थानों के पंजीयन, फीस, शिक्षकों की योग्यता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं।

अनिवार्य पंजीयन और 3 साल की वैधता

नए नियमों के लागू होने के बाद कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्धारित अवधि के अंदर पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा। पंजीयन की वैधता तीन साल होगी, जिसे तय समय पर रिन्यू कराना अनिवार्य होगा। एक बार जारी किया गया पंजीयन किसी अन्य को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी संस्थान की एक से अधिक शाखाएं हैं, तो प्रत्येक शाखा को अलग कोचिंग सेंटर मानते हुए पृथक पंजीयन कराना होगा।

फीस, शिक्षक और सुविधाएं 

पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए हर कोचिंग सेंटर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं का पूरा विवरण, फीस का स्ट्रक्चर और भुगतान के नियम,शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और संस्थान में उपलब्ध सुविधाएं और शिकायत निवारण तंत्र की पूरी जानकारी देनी होगी। 

सुरक्षा, सीसीटीवी के नियम

परिसर में उचित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, लेकिन विद्यार्थियों की निजता का सम्मान करते हुए शौचालय, चेंजिंग रूम और परामर्श कक्ष जैसे संवेदनशील स्थानों पर रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित रहेगी। पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सुरक्षा के इंतजाम जरूरी होंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए संस्थानों को नियमित परामर्श सत्र आयोजित करने और योग्य परामर्शदाताओं की नियुक्ति करनी होगी। प्रवेश या शिक्षण प्रक्रिया के दौरान धर्म, जाति, लिंग या मूलवंश के आधार पर किसी भी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। इन आधारों पर अलग-अलग बैच बनाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संस्थान को डिसेबिलिटी-फ्रेंडली बनाना अनिवार्य किया गया है।

अपील का प्रावधान

यदि किसी कोचिंग सेंटर का पंजीयन आवेदन अस्वीकार, निलंबित या रद्द किया जाता है, तो संचालक आदेश मिलने के 30 दिनों के अंदर संभागायुक्त के समक्ष अपील कर सकेंगे, जिस पर 45 दिनों के अंदर सुनवाई पूरी करने का प्रावधान है।

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