Amethi Nagar Panchayat

Amethi Nagar Panchayat: अमेठी नगर पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, ठेकेदार पर गंभीर आरोप

नगर पंचायत अमेठी की अध्यक्ष अंजू कसौधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महेश सोनी कंस्ट्रक्शन और अन्य संबंधित लोगों पर विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

By : विकास जैन
Amethi Nagar Panchayat: अमेठी नगर पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, ठेकेदार पर गंभीर आरोप

Amethi Nagar Panchayat: अमेठी नगर पंचायत में विकास कार्यों पर सवाल, ठेकेदार पर गंभीर आरोप

कुलदीप शुक्ला, अमेठी: नगर पंचायत अमेठी की अध्यक्ष अंजू कसौधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महेश सोनी कंस्ट्रक्शन और अन्य संबंधित लोगों पर विकास कार्यों में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष के मुताबिक नगर पंचायत क्षेत्र में कराए जा रहे कई विकास कार्य अधूरे छोड़ दिए गए, जबकि उनके लिए पूरी धनराशि का भुगतान किए जाने का आरोप है।

अध्यक्ष ने बताया कि अंतु पक्की रोड से विजय पाल के घर तक नाला निर्माण का काम करीब 19 लाख 53 हजार 992 रुपये की लागत से कराया जाना था, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ। इसी तरह शालीग्राम के घर से खिलौना तालाब तक नाला निर्माण की लागत करीब 23 लाख 41 हजार 297 रुपये बताई गई है। आरोप है कि यह काम भी अधूरा है।

वहीं वार्ड नंबर 11 और वार्ड नंबर 7 में कराए गए नाला निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पूर्णता पर भी सवाल उठाए गए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि कई स्थानों पर काम मानक के अनुरूप नहीं कराया गया है।

मामले में सबसे गंभीर आरोप धरोहर राशि की एफडी को लेकर लगाया गया है। अध्यक्ष के अनुसार नियमानुसार एफडी अधिशासी अधिकारी के नाम बंधक होनी चाहिए थी, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने अपने नाम से एफडी बनवा ली। इसके लिए कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी की अनुमति के बिना एफडी रिलीज कराकर धनराशि निकाल ली गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

इसके अलावा वार्ड नंबर 11 स्थित चाणक्य पुरी पार्क के निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अध्यक्ष के मुताबिक पार्क का काम अधूरा है और इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।

अध्यक्ष ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कमेटी गठित करने की मांग की गई थी। डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी गठित हो चुकी है और मामले की जांच जारी है। अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि विकास कार्यों और एफडी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।