UP BJP SP Politics

UP BJP SP Politics: सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह के औपचारिक भाजपाई होने के संकेत

समाजवादी पार्टी से निष्कासित बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह जल्द औपचारिक भाजपाई हो सकते हैं। इसकी सुगबुगाहट से ही अमेठी में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

By : विकास जैन
UP BJP SP Politics: सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह के औपचारिक भाजपाई होने के संकेत

UP BJP SP Politics: सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह के औपचारिक भाजपाई होने के संकेत

बृजेश मिश्रा,अमेठी: समाजवादी पार्टी से निष्कासित बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह जल्द औपचारिक भाजपाई हो सकते हैं। इसकी सुगबुगाहट से ही अमेठी में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। विधायक ने शुक्रवार को डाक बंगले में प्रेस वार्ता बुलाई है। पत्रकारों को भेजे आमंत्रण-पत्र में उन्होंने राजनीतिक सफर और आगामी निर्णय को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने की बात कही है। पत्र में भाजपा की सदस्यता लेने के निर्णय का उल्लेख होने मात्र से गौरीगंज के दावेदारों की 'धुकधुकी' बढ़ गई है।

राज्यसभा चुनाव के बीच हाल ही में उन्होंने सपा के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी और अभय सिंह के साथ 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट की थी। इस भेंट को उनकी भाजपा में औपचारिक एंट्री की स्वीकृति को मुख्यमंत्री का 'गारंटी कार्ड' माना जा रहा है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उसी भेंट के बाद सपा मुखिया ने राज्यसभा चुनाव में पर्चा खरीदने के बावजूद पार्टी का तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का निर्णय लिया। पिछले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। तभी से वह डॉ. मनोज पांडेय एवं अभय सिंह के साथ विधानसभा के खाते में 'असम्बद्ध विधायक' की श्रेणी में दर्ज हैं। विधानसभा के अगले सत्र में उनकी सीट कहां होगी यह शुक्रवार को तय हो जाएगा।

तीन बार विधायक के अगले कदम पर निगाहें

राकेश प्रताप सिंह ने सियासी पारी की शुरुआत सपा से की थी। मुलायम सिंह के नेतृत्व में पार्टी से जुड़े रहते हुए तीन बार विधायक निर्वाचित हुए। उन्होंने अपनी यात्रा में कार्यकर्ताओं, बुजुर्गों और आमजन के सहयोग को अहम बताया। उन्होंने बताया कि सपा में नेताजी के बाद नेतृत्व परिवर्तन से उन्हें लगा कि सपा मूल सिद्धांतों से हटकर तुष्टिकरण और हठधर्मिता की राह चल पड़ी है। इसी कारण उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर सनातन धर्म और संस्कृति के रक्षार्थ सपा नेतृत्व से अलग रहने का निर्णय लिया।

सपा से दूरी के बाद अब भाजपा में नई पारी

राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि मार्गदर्शकों, कार्यकर्ताओं, बुजुर्गों और नौजवान साथियों से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा संगठन के प्रति स्वयं को समर्पित करते हुए पार्टी जॉइन करने का निर्णय किया है। हालांकि, भाजपा में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया और तारीख की जानकारी प्रेस वार्ता में सामने आने की उम्मीद है। उनके आमंत्रण पत्र में भाजपा की सदस्यता लेने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। ऐसे में शुक्रवार को होने वाली प्रेस वार्ता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

घोषणा ने संभावित दावेदारों की बढ़ाई बेचैनी

राकेश प्रताप सिंह के भाजपा में जाने की संभावित खबर ने टिकट की दावेदारी को लेकर भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है। भाजपा से उम्मीद लगाए बैठे दावेदार अब नया ठिकाना खोजने में जुट गए हैं। तीन बार के विधायक राकेश प्रताप सिंह की क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उनकी संभावित एंट्री को अहम माना जा रहा है।

टिकट की दौड़ में नए समीकरण के आसार

सियासी जानकारों के मुताबिक यदि राकेश प्रताप सिंह भाजपा में शामिल होते हैं तो पार्टी में विधानसभा चुनाव को लेकर मौजूदा समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि टिकट किसे मिलेगा यह पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल संभावित दावेदारों के बीच राकेश प्रताप सिंह के अगले कदम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। डाक बंगला में प्रस्तावित प्रेस वार्ता के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

गौरीगंज की सियासत में आएगी नई तस्वीर

फिलहाल, राकेश प्रताप सिंह के भाजपा में जाने के संकेत ने अमेठी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सबसे अधिक नजर इस बात पर है कि भाजपा में उनकी एंट्री विधानसभा चुनाव की दावेदारी और पार्टी के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को किस तरह प्रभावित करती है। आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई देने की संभावना है।