Sonauli Border Smuggling

Sonauli Border Smuggling: सोनौली सीमा पर तस्करी का जाल! कपड़े से लेकर कद्दू बीज की तस्करी!

भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कोतवाली क्षेत्र में कथित तस्करी का नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में है।

By : विकास जैन
Sonauli Border Smuggling: सोनौली सीमा पर तस्करी का जाल! कपड़े से लेकर कद्दू बीज की तस्करी!

Sonauli Border Smuggling: सोनौली सीमा पर तस्करी का जाल! कपड़े से लेकर कद्दू बीज की तस्करी!

राजेश जायसवाल, महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कोतवाली क्षेत्र में कथित तस्करी का नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर हरदी डाली, शेख फरेंदा, फरेंदी तिवारी, सोनौली की दो नंबर गली, श्याम काट और भगवानपुर सहित कई रास्तों से बड़े पैमाने पर सामान की आवाजाही किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि इन रास्तों का इस्तेमाल कपड़ा, हार्डवेयर, पटाखे, कद्दू के बीज और मोटर पार्ट्स सहित विभिन्न सामानों की कथित तस्करी के लिए किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक इन रास्तों से सामान की आवाजाही होती है। ऐसे में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 

कद्दू के बीज की बरामदगी से फिर उठा सवाल

गुरुवार को श्याम काट के पास बगीचे के निकट कद्दू के बीज की बड़ी खेप पकड़े जाने की घटना ने सीमा पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। जानकारी के मुताबिक, नेपाल से कथित रूप से तस्करी कर भारत लाए जा रहे कद्दू के बीज के मामले में आपसी विवाद के बाद सूचना सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कस्टम और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और माल सहित चालक को कब्जे में लेकर कार्रवाई की।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि यदि सीमा पर नियमित निगरानी की जा रही है, तो प्रतिबंधित या अवैध रूप से लाए जा रहे सामान की खेप अंदरूनी रास्तों तक कैसे पहुंच रही है? मामले में संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नेपाल में दशहरे से पहले कपड़ों की तस्करी के आरोप

सोनौली क्षेत्र में कपड़ों की कथित तस्करी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि सीमा के आसपास कुछ गोदामों में कपड़ों की खेप रखी जाती है और फिर महिलाओं सहित अन्य कैरियरों के माध्यम से इसे नेपाल भेजा जाता है। नेपाल में दशहरा पर्व के मद्देनजर कपड़ों की मांग बढ़ने के बीच इस तरह की गतिविधियों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ कपड़ा कारोबारी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कपड़े नेपाल भेजे जा रहे हैं। हालांकि, कारोबारियों की संलिप्तता, कथित गोदामों के इस्तेमाल और तस्करी की वास्तविक मात्रा की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

सीमा क्षेत्र में अलग-अलग सामानों की लगातार बरामदगी और तस्करी के आरोपों के बीच कस्टम, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जरूरत है कि संवेदनशील रास्तों, संदिग्ध गोदामों और सामान ढोने वाले नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सके।

अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों और आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा सीमा पर निगरानी मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।