ज्ञानेश पाठक, गुना। जिला अस्पताल में बुधवार सुबह उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब परिसर में लगे नल से भरी गई पानी की बोतल में एक सांप का बच्चा निकला। गनीमत रही कि मरीज को पानी पिलाने से पहले ही परिजनों की नजर बोतल में रेंगते जीव पर पड़ गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना से वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत का माहौल है।
मरीज को दवा देने के लिए भरा था पानी
छीरखेड़ा निवासी देवेंद्र धाकड़ के परिजन अस्पताल के वार्ड में भर्ती हैं। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे उनका अटेंडर परिसर स्थित शिव मंदिर के पास लगे नल से बोतल में पानी भरकर लाया। मरीज को पानी पिलाते वक्त परिजनों को बोतल के भीतर सांप का बच्चा तैरता दिखाई दिया। मौके पर मौजूद फतेहगढ़ निवासी सुंदर सेन ने तुरंत इसका वीडियो बना लिया।
टंकी में काई और घास, महीनों से नहीं हुई सफाई
घटना के बाद अस्पताल की पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुल गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि अस्पताल में पानी की टंकियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं टंकियों की ऊपरी सतह जर्जर है और उन पर घास उग आई है। साथ ही ढक्कन ठीक से बंद न होने के कारण टंकियों व पाइपलाइन में कीड़े-मकोड़े और जहरीले जीव आसानी से पहुंच रहे हैं।
जांच की मांग, प्रबंधन की चुप्पी
मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और टंकियों की तत्काल सफाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस मामले में सीएमएचओ डॉक्टर ऋषिश्वर का कहना है कि पानी टंकी मंदिर की है। इसकी साफ सफाई व देखरेख भी उन्ही के द्वारा की जाती है। पुजारी विष्णु शर्मा के अनुसार, नल से केंचुआ या सांप जैसा कुछ नहीं निकला है।पिछले सप्ताह ही टंकी साफ करवाई थी ।नियमित टंकी साफ कराते रहते हैं।