बृजेश कबीर,हरदोई: पूर्व विधायक एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय उपेंद्र तिवारी ‘पम्मी’ की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को बड़ी फील्ड में श्रद्धांजलि सभा में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन समेत जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 11 करोड़ 20 लाख रुपये की चेक वितरित की गईं। पात्रों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ दिव्यांगजनों को रिक्शे भी दिए गए।
सिद्धांत और सेवा से बनती है जनप्रतिनिधि की पहचान : योगेंद्र उपाध्याय
उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा, किसी जनप्रतिनिधि का मूल्यांकन केवल उसके पदों से नहीं, सिद्धांतों, समाज और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से होता है। स्व. तिवारी का सार्वजनिक जीवन इस बात की याद दिलाता है, राजनीति जब सेवा, संवेदना और नैतिक मूल्यों से जुड़ती है, तभी वह समाज के लिए सार्थक बनती है। उनकी पुण्यतिथि आत्ममंथन का अवसर है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग अपने दायित्वों का निर्वहन कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं। कहा, वर्ष 2017 से प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक संस्थान खोले गए हैं। उद्देश्य बालिकाओं को घर के आसपास उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े। शिक्षा के अवसरों का विस्तार समाज के विकास और महिला
वंचितों को सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना ही जनसेवा: असीम अरुण
प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा, किसी व्यक्ति की स्मृति को जीवित रखने का बेहतर माध्यम समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना और वंचितों को सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना ही जनसेवा का वास्तविक उद्देश्य है। कहा, स्व. तिवारी की पुण्यस्मृति में पात्रों को योजनाओं से संतृप्त करना उसी उद्देश्य की पूर्ति करता है।
उपेंद्र तिवारी के विचारों को आगे बढ़ा रही हूं : रजनी तिवारी
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा, पति उपेंद्र तिवारी की प्रेरणा से वह 19 वर्ष से अनवरत जनसेवा कर रही हैं। क्षेत्र की जनता का सहयोग ही उनकी शक्ति है। कहा, उपेंद्र तिवारी से मिली प्रेरणा के कारण उन्होंने बिना झुके और बिना थके काम किया। उनकी स्मृतियां आज भी उन्हें शक्ति देती हैं। उन्होंने जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राम मंदिर निर्माण संघर्ष की ऐतिहासिक परिणति : अवधेश द्विवेदी
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने कहा, राम मंदिर आंदोलन करोड़ों लोगों की आस्था, लंबे सामाजिक संघर्ष और अनेक कार्यकर्ताओं के समर्पण से जुड़ा अध्याय रहा है। इस यात्रा में देशभर के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन और जनसंपर्क के माध्यम से योगदान दिया। बतौर विश्व हिन्दू परिषद जिला अध्यक्ष उपेंद्र तिवारी भी इसी दौर की स्मृतियों से जुड़े हैं। अयोध्या में रामलला का मंदिर का निर्माण उस लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक परिणति है। ऐसे अवसर पर उन कार्यकर्ताओं को भी याद करना चाहिए, जिन्होंने यात्रा के कठिन पड़ावों पर अपनी भूमिका निभाई। कहा, श्रद्धांजलि को सामाजिक दायित्वों के संकल्प में बदलना ही दिवंगत के प्रति सच्चा सम्मान है।
जनसेवा से ही कायम रहता है जनविश्वास : प्रेमावती
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने कहा, किसी जनप्रतिनिधि की स्मृति उसके काम, व्यवहार और संघर्षों से जनता के बीच जीवित रहती है। जरूरतमंदों की परेशानी दूर करना, संकट में उनके साथ खड़ा होना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना जनसेवा का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने पात्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और वंचितों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
बब्बन ने किया सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक योगदान स्मरण
भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ‘बब्बन’ ने स्व. उपेंद्र तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक योगदान का स्मरण किया। केन ग्रोवर्स समिति के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, जिला महामंत्री सतेंद्र राजपूत, ब्लॉक प्रमुख संघ प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह सेनानी, जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत, शाहाबाद ब्लॉक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्र, टोडरपुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्यामू त्रिवेदी, पिहानी ब्लॉक प्रमुख कुशी बाजपेई, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनाथ त्रिपाठी, भाजपा जिला मंत्री गोपाल त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष अनिल पाण्डेय पिंटू, गंगाराम राठौर सहित विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।