उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के चर्चित शाही मस्जिद मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। शहर के कंठाल से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को उपद्रव हो गया। पुलिस ने इस मामले में आठ केस दर्ज किए हैं। साथ ही 30 से ज्यादा लोगों को आरोपित बनाया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और एआई से बनाई गई फर्जी रीलों ने भीड़ को भड़काया। ऐसा कंटेंट डालने वाले चार युवकों पर अलग से बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
जेसीबी आई, मस्जिद पहुंचो वाली रील से बिगड़ी बात
सोमवार सुबह बाधक हिस्से को तोड़ने का काम शुरू हुआ तो सोशल मीडिया पर संदेश वायरल हो गया कि जेसीबी से मस्जिद तोड़ी जा रही है, सब मस्जिद पहुंचो। पुलिस के मुताबिक पटवा बाखल के साजिद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर कहा कि पुलिस जेसीबी लेकर आ गई है। मोचीवाड़ा के इमरान और गुलरेज खान के अकाउंट से भी रील और वीडियो पोस्ट हुए, जिनमें एआई से बनाया मनगढ़ंत कंटेंट था।
27 सितंबर को इमरान खान ने लोगों से छत्री चौक पहुंचने को कहा था। आरिफ पठान के अकाउंट से रात दो बजे लोगों को मस्जिद बुलाया गया। कुछ रीलों में अयोध्या की बाबरी मस्जिद को उज्जैन की शाही मस्जिद से जोड़ा गया। इसके बाद बड़ी भीड़ बैरिकेड्स हटाते हुए मस्जिद की ओर बढ़ी, नारेबाजी और पथराव हुआ।
पुलिस ने दर्ज किए आठ केस, 15 हिरासत में
पुलिसकर्मियों पर पथराव, सरकारी काम में बाधा, भीड़ को उकसाने और धमकी देने के मामले में कोतवाली, खाराकुआं और महाकाल थाने में आठ केस दर्ज हुए हैं। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार रविवार रात से ही मस्जिद में लोग जुटने लगे थे। जांच में सामने आया कि कुछ युवक शहर के बाहरी इलाकों से आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। अब तक 15 आरोपित हिरासत में लिए जा चुके हैं। इंटरनेट मीडिया पर गलत संदेश फैलाने का केस बीएनएस की धारा 196(1), 299, 353(2) और 3(5) में दर्ज है।
एआईएमआईएम के मोहसिन अली खान का वीडियो वायरल
एआईएमआईएम के मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान सोमवार को उज्जैन पहुंचे थे, जहां नागझिरी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। मंगलवार को उनका एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वे कहते सुने गए कि जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अपनी दुकानदारी बचाने के लिए मस्जिद का सौदा किया।
मंगलवार को 500 मीटर में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात
मंगलवार को भी 10 फीट के बाधक हिस्से को हटाने का काम चला। मस्जिद कमेटी ने काम जल्दी निपटाने के लिए बांस बल्ली का मचान बांधा। मस्जिद के आसपास 500 मीटर क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति रही। सभी प्रमुख रास्तों पर सख्त बैरिकेडिंग रही और सुबह 10 बजे के बाद मीडिया समेत आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। कंठाल, गोपाल मंदिर, सती गेट मार्ग और छत्री चौक की दुकानें दिनभर बंद रहीं। पास के खड़े हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार पर फ्लैक्स लगाकर मूर्ति को ढका गया और वहां श्रद्धालुओं का प्रवेश भी बंद रहा।