लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 8 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। सोमवार को जारी सूची में बाराबांकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत का नाम भी है। 8 नामों में दो महिलाएं, दो ब्राह्मण चेहरे हैं और राजपूत है। राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुंग की तरफ से जारी इस लिस्ट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश दिखती है। साथ ही अनुभवी और सीनियर नेताओं पर दांव लगाया है।
इन आठ नेताओं के नाम हैं सूची में
पार्टी ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है।

श्रुति गंगवार और प्रकाश पाल
बरेली की रहने वाली श्रुति गंगवार झारखंड के मौजूदा राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। वे इन दिनों विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी थीं। तभी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए आगे कर दिया। वहीं, कानपुर- बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष प्रकाश पाल का नाम सूची में है। इस फैसले से क्षेत्रीय संगठन तक सीमित रही भूमिका अब प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती दिख रही है। कानपुर-बुंदेलखंड की सियासत में उनका कद बढ़ना तय माना जा रहा है।
प्रियंका रावत, राधाकांत और धर्मपाल सिंह
प्रियंका सिंह रावत बाराबांकी से 16वीं लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं। वे उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रमुख महिला चेहरा हैं और राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर संगठन में सक्रिय रही हैं। वहीं, राधाकांत ओझा मूल रूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। वे इलाहाबाद हाई कोर्ट के सीनियर वकील हैं और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस बार भी वे प्रत्याशी थे। लेकिन तीसरे स्थान पर रहे। उनके भाई शिवाकांत ओझा भाजपा के टिकट पर प्रतापगढ़ के विधायक चुने गए थे और मंत्री भी बने। इसके अलावा धर्मपाल सिंह बरेली की आंवला सीट से विधायक हैं और फिलहाल पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री भी हैं।
रामप्रताप, गोपी कृष्ण और विद्यासागर
आगरा के पूर्व विधायक और प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान को भी पार्टी ने मौका दिया है। वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने जमीनी कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की और धीरे-धीरे अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रदेश नेतृत्व में अहम जगह बनाई। गोपी कृष्ण पाण्डेय भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता और पदाधिकारी हैं। वे लंबे समय से जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठन से जुड़े कामों और अभियानों का संचालन करते आ रहे हैं।
जौनपुर के रहने वाले विद्यासागर सोनकर विधान परिषद में उपनेता रह चुके हैं। वे पूर्व सांसद और पूर्व एमएलसी भी हैं और भाजपा के कद्दावर दलित चेहरों में गिने जाते हैं। मछलीशहर से लोकसभा सांसद रहने के साथ वे पार्टी के प्रदेश महामंत्री भी रहे हैं।
पुरी और बीएल वर्मा का पत्ता कटा
इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को जगह नहीं मिली है। दोनों का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। पार्टी ने 8 नए चेहरों को उच्च सदन भेजने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के आने वाले चुनाव को देखते हुए महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के भी मौका दिया गया है।