एयर कुलंट में 90 फीसदी उत्पाद स्वदेशी

शक्ति वंदन : अहिल्या नगरी से भारतीय नवाचार को औद्योगिक अर्श पर ले जाने को संकल्पित 'वायु इंडिया' 

शक्तिसिंह परमार

By : स्वदेश डेस्क
शक्ति वंदन : अहिल्या नगरी से भारतीय नवाचार को औद्योगिक अर्श पर ले जाने को संकल्पित 'वायु इंडिया' 

इंदौर: भारतीय विचार और कार्य में वह सामर्थ्य है कि वह अपने स्वदेशी उत्पाद, तकनीक और प्रयास के द्वारा 'भारतीय नवाचार' को औद्योगिक क्षेत्र के अर्श अर्थात शीर्ष पर पहुंचाने में सक्षम है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मुख्य आधार 'स्वदेशी' है, लेकिन जब तक इसके साथ स्वदेशी सोच-विचार, सांस्कृतिक आत्मविश्वास, मानवीय संवेदनशीलता, सामूहिक जवाबदेही और भारतीय नवाचार को पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा, तब तक लक्ष्य अधूरा है। 'वायु एयरकॉन इंडिया' वायु इंडिया ने एचवीएसी के क्षेत्र में 'अवसर' को ही अपनी 'ताकत' बनाया है। 

अहिल्या नगरी इंदौर मेंं कोरोनाकाल में आत्मनिर्भर, स्वावलंबन के ध्येय के साथ हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) के क्षेत्र में कदम रखते हुए इंदौर की युवा मातृशक्ति ने वायु एयरकॉन इंडिया की नींव रखी। सस्टेनेबल और नैनो-हाइब्रिड कूलिंग तकनीक से एयर कुलंट बनाने वाली इस कंपनी ने एक क्लाइमेट कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई। वायु एयरकॉन इंडिया की सहसंस्थापक, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. प्रियंका मोक्षमार ने अपने इस उद्यम को स्वदेशी उत्पाद के साथ नवाचार से जोड़ने में सफलता पाई थी और आज 90 प्रतिशत स्वदेशी उत्पाद के साथ वायु इंडिया संपूर्ण भारत में 2 हजार से अधिक एचवीएसी का इंस्टालेशन करने में सफल हुई है। 

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दखल- भारत को तकनीकी उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि टिकाऊ व नवाचारी तकनीक के निर्माता के रूप में पहचान मिले, इसीलिए स्वदेशी के साथ वायु इंडिया ने कूलिंग रिक्वायरमेंट को विस्तार दिया है। भारत सहित यूएई, कतर, दोहा, जीसीसी, अफ्रीकी महाद्वीप एवं नाइजीरिया मेें कूलिंग उत्पाद का कार्यक्षेत्र अब औद्योगिक, कमर्शियल कूलिंग से लेकर फैक्ट्री, वेयर हाउस, अस्पताल, वर्कशॉप एवं इनडोर स्पेस में भी ठंडी, साफ-स्वच्छ ऊर्जा देने का विश्वास वायु इंडिया ने पैदा कर दिया है।  

पीढ़ी को हवा-ऊर्जा व पर्यावरण सुरक्षित मिले-डॉ. प्रियंका का उद्देश्य हमेशा से स्वयं का व्यवसाय शुरू कर मातृशक्ति को स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने का रहा। एयर कुलंट बनाने के पीछे भी उद्देश्य यही था कि हमारा विकास और पर्यावरण एक-दूसरे का विरोधी न बने। जहां उद्योग बढ़े, वहां स्वाभाविक रूप से रोजगार भी बढ़ेंगे, लेकिन महिला नेतृत्व के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए हवा-ऊर्जा और पर्यावरण सुरक्षित रहे, इसकी भी चिंता करनी होगी। इसीलिए हमारी यह तकनीक एयरकंडीशनर की क्षमता एयर कूलर की लागत को कम कर 80 प्रतिशत तक ऊर्जा बचत का लक्ष्य पूर्ण कर रही है। 

वायु इंडिया में 40 फीसदी मातृशक्ति कार्यरत

वायु एयरकॉन इंडिया 'वायु' में देशभर में 40 फीसदी से अधिक मातृशक्ति कार्यरत हैं। डॉ. प्रियंका का कहना है कि भारतीय त्योहार को हम हमारे उद्यम स्थल में कर्मचारियों के साथ पारिवारिक, सांस्कृतिक वातावरण में मनाते हैं। किसी भी उद्यम का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव केवल उसका उत्पाद (प्रोडक्ट) नहीं है, बल्कि उसके द्वारा सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने वाला संतुलन सफलता का विश्वास दिलाता है। एक महिला उद्यमी के रूप में मेरा प्रयास रहा कि हमारी बालिकाएं पढं़े, देखें और विश्वास करें कि कॅरियर के विकल्प असीमित हैं। 

 स्वावलंबी मातृशक्ति : राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित

भारत के स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत विगत वर्ष भारत की 25 स्वावलंबी मातृशक्तियों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आमंत्रित किया था, जिसमें इंदौर की उद्यम नवाचारी डॉ. प्रियंका मोक्षमार भी शामिल थीं।  प्रियंका को नीति आयोग के 'वूमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' पुरस्कार, स्टार्टअप इंडिया व विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। इंदौर में सामाजिक गतिविधियों और सेवा प्रकल्पों के साथ ही संपर्क टोली में भी जुड़कर कार्य करने का दायरा स्वावलंबी उद्यम के साथ बढ़ रहा है।

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