विवेक सिंह, संग्रामपुर: विकासखंड संग्रामपुर क्षेत्र के मल्लूपुर गांव की दलित बस्ती में सोमवार को जलभराव की सूचना मिलते ही कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। बस्ती में सुरेंद्र कोरी समेत तीन-चार घरों के आसपास बारिश का पानी जमा था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी।
मिली जानकारी के अनुसार मौके पर अंबेश शुक्ला, राहुल पांडेय और सफाई कर्मी भी पहुंचे। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने ग्रामीणों से समस्या की जानकारी लेने के बाद ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव से बातचीत की और तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने को कहा। इसके बाद जेसीबी मशीन से नाली की खुदाई कर पानी की निकासी का रास्ता बनाया गया। नाली बनने के बाद घरों के आसपास जमा पानी निकलना शुरू हो गया और जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली।
बरसात में हर साल होती है परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में घरों के आसपास पानी जमा हो जाता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग भी की।जलनिकासी का रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे लोगों का आभार जताया।
क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने कहा कि जलभराव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या देखी गई। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से बातचीत के बाद जेसीबी से नाली खुदवाकर पानी की निकासी कराई गई, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके।
बरसात में ढहा गरीब का आशियाना
विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के ग्रामसभा पुन्नपुर निवासी संतोष कुमारी पत्नी कर्मराज पुत्र चिक्खू कोरी का मिट्टी का घर बीती रात बरसात में ढह गया। जिससे घर में रखे गृहस्थी व खाने पीने का समान दब गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि मेरे पूर्वज द्वारा बनाया गया कच्चा मकान बीती रात बरसात में ढह गया परिवार में तीन लड़की के साथ घर में सो रही मां बच्ची सभी सुरक्षित है।

गांव निवासी व कोटेदार जगदेव सिंह ने बताया कि गांव का गरीब परिवार है जिसका कच्चा घर बीती रात के बरसात में ढह गया।वहीं संग्रामपुर ग्राम सभा के मनीष विश्वकर्मा , श्रीपति सिंह का घर बीती रात बरसात में ढह गया है।इसी तरह अगर बरसात रही तो सैकड़ों घर गिरने की आंशका है क्योंकि कुछ गांव में जलभराव है कुछ का धीरे-धीरे ढह जा रहा है।