Satta King Babu Khemani: सोशल मीडिया पर रील बनाकर हजारों फॉलोअर्स के बीच अपनी चमक बिखेरने वाला और पर्दे के पीछे करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबार चलाने वाला मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी अब कानून के शिकंजे में पूरी तरह फंस चुका है। छत्तीसगढ़ से लेकर महाराष्ट्र तक फैले उसके काली कमाई के साम्राज्य पर पुलिस और न्यायपालिका का बड़ा हथौड़ा चला है। कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर पुलिस ने बाबू खेमानी की 1.42 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की बड़ी कार्रवाई की है।
कौन है बाबू खेमानी?
रायपुर का रहने वाला गुलशन खेमानी उर्फ बाबू खेमानी बाहरी दुनिया के लिए एक आम सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर था, लेकिन अंदर ही अंदर वह 3 STUMPS नाम से एक अवैध ऑनलाइन सट्टा बुक और सट्टा ऐप का मुख्य मास्टरमाइंड था। महादेव ऐप की तर्ज पर उसने अपना खुद का सट्टा नेटवर्क खड़ा किया था। आईपीएल मैचों से लेकर कई गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर यह गिरोह बड़े पैमाने पर अवैध दांव लगवाता था। पिछले ढाई सालों से वह रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन सट्टा पैनल्स का संचालन कर रहा था। तीन साल पहले भी रायपुर पुलिस ने उस पर शिकंजा कसा था, लेकिन इस बार 16 अप्रैल को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने उसे धर दबोचकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
1.42 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी कर बाबू खेमानी की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए। तो वही पुलिस ने पंजीयन दफ्तरों, राजस्व विभाग और बैंकों को आधिकारिक पत्र भेजकर इन सभी संपत्तियों के ट्रांसफर और पैसों की निकासी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कुर्क की गई संपत्तियों में...
ग्राम अरंड: कृषि भूमि (कीमत करीब 1.78 लाख रुपये)
रायपुर (देवपुरी): भूखंड/प्लॉट (कीमत करीब 23 लाख रुपये)
रायपुर (जोरापारा): भूखंड/प्लॉट (कीमत करीब 2.50 लाख रुपये)
अंबरनाथ, ठाणे (महाराष्ट्र): व्यावसायिक दुकान (कीमत करीब 74 लाख रुपये)
बैंक डिपॉजिट: बैंक ऑफ इंडिया के फिक्सड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करीब 40.50 लाख रुपये नकद।
रायपुर से मुंबई और गोवा तक फैला था सिंडिकेट
यह सट्टा नेटवर्क अकेले बाबू खेमानी का नहीं था, बल्कि इसके तार रायपुर, मुंबई, गोवा और महाराष्ट्र के कई शहरों तक जुड़े हुए थे। इस पूरे सिंडिकेट में हर गुर्गे की भूमिका तय थी। गिरोह का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी था। वही एजेंट कमलेश देवांगन जो सट्टे का कैश कलेक्ट करता था। इसके अलावा करण खेमानी, ब्रह्मानंद खेमानी, श्रीकांत सिन्हा, विजय पिंजवानी, अमित अंदानी, हर्ष नागदेव, विनोद नारा, आकाश और ऋषिकेश जैसे लोग पैनल चलाने का काम संभालते थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में रायपुर पुलिस अब तक कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
सट्टे के इस खेल में करोड़ों का अवैध लेनदेन पुलिस की नजरों से बचाने के लिए शातिर तरीका अपनाया जाता था, जिसे म्यूल अकाउंट कहा जाता है। यह ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड के पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। सट्टा किंग बाबू खेमानी आम लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था या फिर मामूली कमीशन का लालच देकर उनके खातों का इस्तेमाल काले धन के ट्रांजेक्शन के लिए करता था। सट्टे का पैसा सीधे उसके खाते में आने के बजाय इन म्यूल अकाउंट्स के जरिए घूमकर ठिकाने लगाया जाता था।