मध्यप्रदेश में आज अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ शहरों में भव्य झांकियां और चल समारोह निकलेंगे। सबसे बड़ा आकर्षण इंदौर में रहेगा, जहां 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से 9 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रूट पर झांकियां निकलेंगी। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में विसर्जन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की है।
इंदौर में शाम 6 बजे शुरू होगा झांकी कारवां
इंदौर में सबसे पहले शाम 6 बजे खजराना गणेश मंदिर की झांकी निकलेगी। इसके बाद शहर की प्रमुख मिलों और संस्थाओं की झांकियां चल समारोह में शामिल होंगी।झांकी रूट मिल क्षेत्र से शुरू होकर मजदूर मैदान, एमजी रोड, कृष्णपुरा, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नृसिंह बाजार, गोराकुंड, खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा तक रहेगा।देर रात तक चलने वाले इस समारोह में अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा पारंपरिक खेलों और युद्ध कलाओं के करतब भी दिखाएंगे।
22 से ज्यादा झांकियां बनेंगी आकर्षण
इस बार इंदौर की झांकियों में धार्मिक और पौराणिक कथाओं के साथ सामाजिक संदेश भी देखने को मिलेंगे।
-
स्वदेशी मिल: दुर्गा माता-महिषासुर वध, सती प्रसंग और नशामुक्ति।
-
कल्याण मिल: भगवान जगन्नाथ की पहली रथयात्रा और नारी शक्ति।
-
होप टेक्सटाइल मिल: गणेश आराधना और भगवान शिव की बारात।
-
मालवा मिल: मछली जल की रानी है, चंद्रमा-रोहिणी विवाह और भोलेनाथ की बारात।
-
राजकुमार मिल: जगन्नाथ भजन की थीम और 80 फीट की मधु-कैटभ वध झांकी।
-
नगर निगम: शहर का विकास, युवा संगम, रोजगार, कौशल विकास, जनकल्याणकारी योजनाएं और कृष्ण-सुदामा मिलन।
भोपाल में घाटों पर सुरक्षा, कृत्रिम कुंड भी तैयार
भोपाल में प्रेमपुरा, रानी कमलापति, बैरागढ़, खटलापुरा और शाहपुरा समेत प्रमुख घाटों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है।छोटी प्रतिमाओं के लिए वार्ड और जोन स्तर पर कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं, जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन की व्यवस्था रहेगी। घाटों पर CCTV, पुलिस, गोताखोर और फायर ब्रिगेड तैनात रहेंगे।शहर में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू रहेगा।
उज्जैन में रात 10 बजे निकलेगा चल समारोह
उज्जैन में रात 10 बजे से चल समारोह शुरू होगा। चामुंडा माता मंदिर से शुरू होकर यह देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज, फव्वारा चौक, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और महाकाल घाटी होते हुए आगे जाएगा।विसर्जन के लिए रामघाट और सुनहरी घाट समेत निर्धारित स्थानों पर इंतजाम किए गए हैं। शाम से ही कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा।
ग्वालियर में सागरताल पर विसर्जन
ग्वालियर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सागरताल में अस्थायी कुंड तैयार किया गया है। रामदास घाटी, कटीघाटी, लधेड़ी और हजीरा की ओर से आने वाली प्रतिमाओं को निर्धारित मार्गों से विसर्जन स्थल तक पहुंचाया जाएगा।विसर्जन के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन के साथ ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
जबलपुर में भी विशेष व्यवस्था
जबलपुर में तीन पत्ती चौक से प्रतिमाओं को क्रम से गौरीघाट और तिलवारा घाट की ओर ले जाया जाएगा। नगर निगम ने नर्मदा जल से विशेष विसर्जन कुंड तैयार किया है, जहां बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन की व्यवस्था रहेगी।अधारताल, खमरिया, रांझी और गोकलपुर में भी विसर्जन की व्यवस्था की गई है।