खान सर

पटना: रक्षाबंधन पर खान सर को छात्राओं ने बांधी हजारों राखियां, सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल

हर साल की तरह इस वर्ष भी सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने खान सर की कलाई पर रक्षासूत्र के रूप में राखी बांधी.

By : Dipali Kumari
पटना: रक्षाबंधन पर खान सर को छात्राओं ने बांधी हजारों राखियां, सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल

न्यूज़11 भारत 
पटना/डेस्क: 
आज देशभर में भाई-बहनों का त्यौहार रक्षाबंधन मनाया जा रहा है. पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार के चर्चित शिक्षक खान सर ने भी रक्षाबंधन मनाया. हर साल की तरह इस वर्ष भी सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने खान सर की कलाई पर रक्षासूत्र के रूप में राखी बांधी. इसमें कई पूर्व छात्र और छात्रायें भी शामिल हुई. इस दौरान मौके पर छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ देखने को मिली. खान सर का हाथ हजारों राखियों से पूरी तरह भर गया. इसकी तस्वीरें भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में H1N1 की दस्तक, 24 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट


 

संबंधित सामग्री

Asian Games 2027 में भारत ने पहले गोल्ड की ओर बढ़ाए कदम, महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ जगा दी है उम्मीद

Asian Games 2027 में भारत ने पहले गोल्ड की ओर बढ़ाए कदम, महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ जगा दी है उम्मीद

स्मृति मंधाना की अर्द्धशतकीय और रिचा घोष व शेफाली की धुआंधार पारियों की बदलौत श्रीलंका महिला टीम को दिया है 217 रनों का लक्ष्य

झारखंड हाईकोर्ट ने हत्या मामले में दो आरोपियों को किया बरी, 28 साल पुरानी सजा रद्द

झारखंड हाईकोर्ट ने हत्या मामले में दो आरोपियों को किया बरी, 28 साल पुरानी सजा रद्द

खंडपीठ ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा

करम डाली व जावा संग सजेगा अखड़ा, मांदर की थाप पर झूमेंगे गांव

करम डाली व जावा संग सजेगा अखड़ा, मांदर की थाप पर झूमेंगे गांव

प्रकृति और भाई-बहन के रिश्ते का पर्व है करमा, सात दिन चलता है उत्सव, आज दिनभर उपवास रखेंगी बहनें

पत्नी का मायके जाना और पति को घरजमाई बनाने की इच्छा ‘क्रूरता’ नहीं : झारखंड हाईकोर्ट

पत्नी का मायके जाना और पति को घरजमाई बनाने की इच्छा ‘क्रूरता’ नहीं : झारखंड हाईकोर्ट

तलाक के लिए क्रूरता इतनी गंभीर होनी चाहिए कि पति-पत्नी का एक साथ रहना मुश्किल या असहनीय हो जाए - हाई कोर्ट