पुणे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गन्ना आंदोलनकारियों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने किसानों से चीनी मिलों में जल्द गन्ना पेराई शुरू होने देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल गन्ने का उत्पादन कम है और चीनी मिलें आर्थिक दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में पेराई सीजन समय पर शुरू करना जरूरी है, ताकि उपलब्ध गन्ने का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पड़ोसी राज्य कर्नाटक में चीनी मिलों ने 1 अक्टूबर से ही पेराई शुरू कर दी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि महाराष्ट्र में पेराई शुरू होने में देरी हुई, तो कर्नाटक की चीनी मिलें महाराष्ट्र से गन्ना खरीद सकती हैं। इससे राज्य की चीनी मिलों को पेराई के लिए कम समय मिलेगा और उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कम उत्पादन और आर्थिक दबाव से बढ़ी चुनौती
सीएम फडणवीस ने कहा कि इस साल कई चुनौतियां सामने हैं। गन्ने की कम पैदावार के कारण चीनी मिलों के संचालन की अवधि घट सकती है। वहीं, चीनी की उपलब्धता को देखते हुए पेराई सीजन समय पर शुरू करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सूखे जैसी परिस्थितियों ने किसानों और चीनी मिलों, दोनों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में आंदोलनकारियों से सहयोग की अपेक्षा है, ताकि पेराई का काम समय पर शुरू हो सके।
सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता
मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने के राज्य सरकार के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि किसानों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। फडणवीस के मुताबिक, सूखा राहत के दायरे में आने वाली तहसीलों की संख्या 265 से बढ़ाकर 305 कर दी गई है। शेष सहायता राशि के वितरण की प्रक्रिया पूरी होने तक अग्रिम राशि किसानों को तत्काल राहत देने में मदद करेगी।
किसानों के लिए 12 राहत उपाय शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की सहायता के लिए 12 राहत उपाय शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सूखे और कम उत्पादन से प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिले और चीनी मिलों का संचालन भी प्रभावित न हो। फडणवीस ने एक बार फिर गन्ना आंदोलनकारियों से अपील की कि वे परिस्थितियों को देखते हुए सहयोग करें और चीनी मिलों में पेराई सीजन समय पर शुरू होने दें।