दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की हिरासत और उनकी दादी के निधन को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई थी और उन्हें घर जाने के लिए हर संभव मदद देने की पेशकश भी की गई थी । पुलिस के मुताबिक, दीपके ने इस मदद को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब दीपके की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस की हिरासत के कारण उनका बेटा समय पर घर नहीं पहुंच सका और दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया।
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— Delhi Police (@DelhiPolice) October 11, 2026
पुलिस ने क्या बताया?
दिल्ली पुलिस की डीसीपी और प्रवक्ता नेहा यादव के मुताबिक, दादी के निधन की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने दीपके को इसकी जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह नगर जाने में मदद देने की पेशकश की गई थी।
पुलिस के अनुसार, दीपके से पूछा गया कि क्या उन्हें फ्लाइट, ट्रेन या बस से जाने की व्यवस्था चाहिए। परिवार से फोन पर बात कराने की पेशकश भी की गई। पुलिस ने इसी बातचीत का वीडियो जारी किया है।
पुलिस का कहना है कि दीपके ने उस समय अपने पिता से बात करने से इनकार किया था। इसी आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क और घर लौटने की सुविधा नहीं देने के आरोपों का जवाब दिया है ।
दीपके ने पुलिस के दावे पर क्या कहा?
पुलिस का वीडियो सामने आने के बाद अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें कुछ मिनट के लिए भी फोन इस्तेमाल करने और वकील से बात करने की सुविधा नहीं दी गई। दीपके का यह भी दावा है कि पुलिस ने उनसे रात करीब 3:30 बजे माता-पिता को फोन करके यह बताने को कहा कि उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है।
प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
अभिजीत दीपके और CJP के अन्य नेताओं को 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला दिया था। बाद में दीपके और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।