नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया है। चुनाव आयोग और एसआईआर यानी स्पेशल इंटेसिव रिविजन को लेकर छिड़े विवाद के बीच सरमा ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब राहुल गांधी और उनकी पार्टी को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल, कांग्रेस लंबे समय से यह दावा करती रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने स्तर पर अकेले फैसले ले रहे हैं। मगर चुनाव आयोग ने हाल ही में इस पर सफाई देते हुए बता दिया कि SIR से संबंधित हर फैसला आपसी सहमति से हुआ था।
चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया
सरमा ने अपने बयान में कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने बार बार चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश की है। उनका कहना था कि जब पूरा आयोग खुलकर सामने आकर यह स्पष्ट कर चुका है कि SIR के सभी निर्णय सामूहिक रूप से और सहमति से लिए गए, तब कांग्रेस के पुराने आरोपों की कोई बुनियाद नहीं बचती। असम सीएम ने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर पार्टी लगातार संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करती रही और आम जनता के बीच शक का माहौल बनाने की कोशिश करती रही।
#WATCH | Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "Now, it is time for Rahul Gandhi and the Congress party to apologize to the people of India... You have repeatedly attacked the Election Commission, claiming that the Chief Election Commissioner has taken decisions unilaterally. But yesterday, the full commission, in a single frame, declared that all decisions were taken unanimously. Then why have you tried to create confusion in the minds of people? What was your basis? Why did you attack the EC? So Rahul Gandhi is attacking institution after institution... Before Gyanesh Kumar, he lost 90 elections. What legitimacy does he have? His only idea is to destroy India's democracy. Whenever he loses an election, be it Bengal, Assam, or any other place, he immediately starts this kind of drama. So people are watching him, and you will see that people will continuously punish him."
— ANI (@ANI) September 27, 2026
हार की समीक्षा से बचती है कांग्रेस
बयान में सरमा ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को हार मिली थी। वहीं, उस दौर का चुनाव आयोग खुद मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में नियुक्त हुआ था। उनके अनुसार कांग्रेस को यह सोचना चाहिए की जनता उसे बारह बार नकार क्यों रही है। मगर पार्टी अपनी हार का ठीक से आकलन करने के बजाय हर बार किसी न किसी संस्था या व्यवस्था पर दोष मढ़ देती है। सरमा ने यह भी जोड़ा कि हारने पर ईवीएम को कठघरे में खड़ा करना और जीतने पर उसी EVM पर चुप्पी साध लेना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है। अब वही रवैया एसआईआर को लेकर भी दिख रहा है।
सीएम सरमा INDIA गठबंधन पर भी बरसे
विपक्षी गठबंधन INDIA पर हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने इसे हारे हुए और हताश दलों का जमावड़ा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका असली मकसद देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना है। सरमा के अनुसार विपक्ष चाहे जितनी बैठकें कर ले। उसका जनता पर कोई खास असर पड़ने वाला नहीं है।
बता दें कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच हुई बैठक के बाद आयोग ने स्पष्ट किया था कि SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए। हालांकि सदस्यों की अलग टिप्पणियाँ आंतरिक चर्चा का सामान्य हिस्सा रही है।