नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में रविवार, 11 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ले जाया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, और सौरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह रिहा हो गए। तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया।
रिहाई के बाद सरकार पर लगाए आरोप
रिहाई के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका और सौरव दास ने आरोप लगाया कि शनिवार को तीनों नेताओं को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान से ही हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के साथ गलत व्यवहार किया गया।
सौरव दास ने कहा कि CJP आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।। अभिजीत दीपके अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र स्थित अपने घर रवाना हो गए। वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं ।
इससे पहले शनिवार को भी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत की कार्रवाई हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में शनिवार की कार्रवाई के दौरान करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान दिया था। रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहने से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि आंदोलन के चलते मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। इंटरनेट बाधित नहीं होना चाहिए और लोगों की आवाजाही नहीं रोकी जानी चाहिए।