नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं । आयोग ने पांचों राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के निर्देश दिए हैं। राज्यों को 30 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।
चुनावी प्रक्रिया से सीधे जुड़े ऐसे अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रह सकेंगे जिन्होंने पिछले चार वर्षों में किसी जिले में तीन साल की निर्धारित अवधि पूरी कर ली है या तय समयसीमा तक पूरी कर लेंगे ।
इस दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, ब्लॉक विकास अधिकारी, पुलिसकर्मी और आबकारी व परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारी शामिल हैं।
किस राज्य में कब तक का कार्यकाल माना जाएगा?
आयोग ने अधिकारियों की तैनाती की अवधि तय करने के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित की हैं । पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के लिए कटऑफ 31 मार्च 2027, जबकि उत्तर प्रदेश के लिए 31 मई 2027 रखी गई है। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में लगे कर्मचारियों के तबादले अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी से परामर्श करके किए जाएंगे ।
2027 में कब खत्म होगा विधानसभाओं का कार्यकाल?
पांचों राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त होगा। मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च, गोवा का 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च 2027 तक है। वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा।
तबादलों से जुड़े ये निर्देश चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की नियमित प्रशासनिक तैयारी का हिस्सा हैं । हालांकि चुनाव आयोग ने अभी पांचों राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं की है।