अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटकी व्यापार वार्ता अब समझौते के करीब पहुंचती दिख रही है । अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, निवेश और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक के बाद रुबियो ने कहा कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब हैं और अब बहुत कम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। हालांकि, उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
टैरिफ और रूसी तेल पर क्यों अटकी थी बातचीत?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर अमेरिकी टैरिफ और भारत की रूसी कच्चे तेल की खरीद का असर पड़ा था। अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ बढ़ाकर कुछ मामलों में 50% तक कर दिया था ।
फरवरी 2026 में दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा पेश किया। इसके तहत अमेरिका ने भारत के कई उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ दर 18% करने की बात कही। हालांकि, व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले नुकसान न हो।
ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर भी नजर
भारत ने रूसी तेल की खरीद को अपनी ऊर्जा जरूरतों और बाजार की स्थिति से जोड़कर देखा है। साथ ही, वह अमेरिका समेत दूसरे देशों से ऊर्जा आयात बढ़ाने और आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने की बात कहता रहा है ।

रुबियो अपनी भारत यात्रा के दौरान गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा भी करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के साथ ऊर्जा, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी नजर है।