केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नेहा बोरा के बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन से प्रेरित होने वाले बयान की आलोचना की है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसी घटनाओं के जरिए हिंसा फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है, किसी बाहरी ताकत के जरिए नहीं ।
रिजिजू ने 18 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के साथ वीडियो भी साझा किया। इसमें राहुल गांधी और नेहा बोरा से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं। उनके आरोप ऐसे समय आए हैं, जब देश में चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
बांग्लादेश में हुई हिंसक घटना और फ्रांस में जो दंगे, आगजनी और लूटपाट हुईं, ठीक वैसी ही साजिश भारत के लिए भी रची गई थी। भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काने और हमारी सड़कों पर हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। लेकिन इस खतरनाक साजिश रचने वाले भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश हैं और न ही फ्रांस। भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है - लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं।
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 18, 2026
नेहा बोरा ने क्या कहा था?
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के सम्मेलन के लिए वीडियो संदेश भेजा था। इसमें उन्होंने कहा कि भारत में चल रहा Gen-Z आंदोलन बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित है ।
नेहा ने अपने संदेश में लोकतंत्र, मतदाताओं के अधिकार, छात्र अधिकार और शिक्षा के निजीकरण जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने बांग्लादेश के युवाओं को भारत के युवाओं के लिए रास्ता दिखाने वाला बताया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया ।
BJP ने राहुल गांधी पर लगाए आरोप
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा के बयान को आधार बनाकर राहुल गांधी और विपक्ष पर भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का मकसद लोकतांत्रिक विरोध के बजाय अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है।