कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे पंडाल में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद कई लोग जमीन पर गिर पड़े और भीड़ के बीच फंस गए।
बारिश से बचने के लिए पंडाल में जमा हुए लोग
पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम इलाके में बारिश शुरू हो गई थी। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल के अंदर रुक गए। इसी दौरान नए दर्शकों ने भी प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे प्रवेश द्वार पर भीड़ बढ़ गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बार में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था थी, लेकिन दबाव बढ़ने से हालात बिगड़ गए।
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के संस्थापक प्रीतम सरकार के मुताबिक, भीड़ का दबाव बढ़ने के कारण पंडाल का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
#BREAKING: कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 लोगों की मौत की आशंका कोलकाता में सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से करीब 17 लोगों की मौत होने की खबर है। हादसे में करीब 3 दर्जन लोग घायल भी हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, कोलकाता पुलिस ने अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
— Bishwajeet Maurya (@bishwamaurya_) October 17, 2026
संकरे रास्ते और अव्यवस्था को लेकर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय पंडाल में काफी भीड़ थी। कुछ लोग बाहर निकल रहे थे, जबकि दूसरे लोग अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से जोरदार धक्का लगा और आगे खड़े लोग गिरने लगे। देखते ही देखते कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आगे गिरे लोग भीड़ के दबाव के कारण उठ नहीं पा रहे थे। स्थिति ऐसी हो गई थी कि लोगों को बाहर निकालना भी मुश्किल हो रहा था। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने प्रवेश और निकास के रास्तों को लेकर भ्रम होने की बात कही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
अस्पताल में घायलों का इलाज
हादसे के बाद घायलों को एंबुलेंस और स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। कोलकाता मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में घायलों को भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। पुलिस ने पंडाल के प्रवेश द्वार के टूटे हिस्से को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
सीएम शुभेंदु अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि हादसे के सिलसिले में क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात लोगों को पुलिस थाने बुलाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों से बातचीत के दौरान सीटी की आवाज सुनकर लोगों के दौड़ने और अफरा-तफरी फैलने की जानकारी मिली।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की
प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि वह घायलों से मिलने के लिए अगले दिन अस्पताल जाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर दुख जताया।
91 साल पुराना है चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल
कोलकाता के महात्मा गांधी रोड के पास स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल इस साल अपनी 91वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस बार पंडाल को विशेष थीम पर सजाया गया था, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थे। पंडाल की सजावट में 360 डिग्री डिजाइन का इस्तेमाल किया गया था। इसके भीतर बने गोलाकार ऊंचे गलियारे से गुजरकर श्रद्धालुओं को बाहर निकलना पड़ता था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसी रास्ते पर भीड़ का दबाव बढ़ने से हादसा हुआ। घटना के बाद कोलकाता के कुछ अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया। प्रशासन के सामने अब घायलों के इलाज के साथ-साथ हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की चुनौती है।